West Bengal Politics:फलता में TMC को बड़ा झटका, जहांगीर खान ने छोड़ा मैदान

फलता सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होना है। चुनाव से पहले टीएमसी उम्मीदवार के हटने से समीकरण बदल गए हैं। धांधली के आरोपों के चलते चुनाव आयोग ने वोटिंग रद्द की थी। अब इस सीट पर मुकाबला और भी दिलचस्प और अनिश्चित हो गया है।
धांधली के आरोपों से शुरू हुआ विवाद
फलता विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई बूथों से धांधली की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप था कि ईवीएम मशीनों में भाजपा उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिह्नों के पास सफेद टेप लगा दिया गया था, जिससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बनी। इस पूरे मामले ने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए। शिकायतों के बाद मामले ने तूल पकड़ा और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया। स्थिति को गंभीर देखते हुए चुनाव पर्यवेक्षकों को मौके पर भेजा गया। जांच के बाद चुनाव रद्द किया गया।
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निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला
धांधली की जांच के बाद निर्वाचन आयोग ने फलता सीट पर मतदान रद्द करने का फैसला लिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सर्वोपरि है और किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही पूरे विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया गया। नई तारीख 21 मई तय की गई और मतगणना 24 मई को होगी। इस फैसले ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी।
जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने किया इनकार
पुनर्मतदान से ठीक दो दिन पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। उनका यह फैसला बेहद चौंकाने वाला है, क्योंकि प्रचार के दौरान वह काफी आक्रामक अंदाज में नजर आ रहे थे। खासतौर पर उनका पुष्पा झुकेगा नहीं वाला डायलॉग सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ऐसे में अचानक नाम वापसी ने न सिर्फ पार्टी को असमंजस में डाल दिया, बल्कि विपक्ष को भी हमला बोलने का मौका दे दिया।
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जहांगीर खान ने लगाए गंभीर आरोप
जहांगीर खान ने हाल ही में कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ लगातार नए-नए आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उनके वकील ने अदालत में कहा कि यह कार्रवाई उन्हें डराने और चुनावी मैदान से हटाने के लिए की जा रही है। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया भी जारी है और इससे राजनीतिक माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है। खान का कहना है कि उन्हें खिलाफ आए दिन आपराधिक मामले दर्ज कराए जा रहे हैं।
21 मई को होगा उपचुनाव
जहांगीर खान के नाम वापस लेने से फलता सीट का चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गया है। ममता बनर्जी की पार्टी के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि चुनाव से ठीक पहले उम्मीदवार का हटना रणनीतिक कमजोरी दर्शाता है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है अब 21 मई को होने वाला पुनर्मतदान और भी ज्यादा दिलचस्प हो गया है।












