कान्हा टाइगर रिजर्व में नर बाघ ‘महावीर’ की मौत :फेफड़ों में संक्रमण की पुष्टि, शरीर पर मिले चोट के निशान

मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की परिक्षेत्र की मोहगांव बीट में मंगलवार सुबह एक नर बाघ का शव मिला। मृत बाघ की पहचान ‘टी-220’ यानी महावीर मेल के रूप में हुई है। बाघ की मौत के बाद वन विभाग और कान्हा प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है।
गश्ती दल को घायल हालत में मिला था बाघ
मंगलवार सुबह गश्ती दल ने बाघ को घायल और बीमार हालत में देखा था। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम उसकी निगरानी कर रही थी। इलाज और राहत के प्रयास शुरू होने से पहले ही बाघ ने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम में संक्रमण की पुष्टि
बाघ का पोस्टमार्टम डॉक्टर संदीप अग्रवाल, डॉ. आशीष वैद्य और डॉ. ज्योति मरावी की टीम ने किया। जांच में बाघ के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। साथ ही उसके फेफड़ों में गंभीर संक्रमण पाया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, यही संक्रमण मौत की मुख्य वजह हो सकता है।
फॉरेंसिक जांच के लिए सैंपल सुरक्षित
वन विभाग ने विसरा और अन्य जरूरी सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिए हैं। अब विभाग को विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।
अधिकारियों ने बताया कि बाघ के नाखून, केनाइन दांत और मूंछ के बाल पूरी तरह सुरक्षित मिले हैं। इससे शुरुआती जांच में शिकार की आशंका को खारिज कर दिया गया है। डॉग स्क्वॉड की मदद से इलाके की जांच भी की गई, लेकिन कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई।
एनटीसीए प्रोटोकॉल के तहत हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए प्रोटोकॉल के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों और भस्मीकरण समिति की मौजूदगी में बाघ के शव का दाह संस्कार किया गया। इस दौरान क्षेत्र संचालक रविंद्र मणि त्रिपाठी, उप संचालक पीके वर्मा और एनटीसीए प्रतिनिधि डॉ. श्रवणा गोस्वामी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।











