पचमढ़ी में बंदर ने छीना बैग, वापस लेने की कोशिश में खाई में गिरा पर्यटक दल का लीडर; मौत

सोहागपुर/पचमढ़ी। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्रियदर्शनी प्वाइंट पर बंदर से अपना बैग वापस लेने की कोशिश में नागपुर के पर्यटक दल के ग्रुप लीडर की गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान विजय नाईक (40) के रूप में हुई है। वह करीब 30 पर्यटकों के समूह के साथ पचमढ़ी घूमने आए थे। हादसे के बाद पर्यटक दल में अफरा-तफरी मच गई।
बंदर बैग लेकर भागा, पीछा करने में बिगड़ा संतुलन
जानकारी के मुताबिक, विजय नाईक गुरुवार शाम महाराष्ट्र के नागपुर से करीब 30 सदस्यीय पर्यटक दल के साथ पचमढ़ी पहुंचे थे। सभी लोग होटल मधु मिलन में ठहरे हुए थे। शुक्रवार को समूह प्रियदर्शनी प्वाइंट घूमने पहुंचा था। इसी दौरान एक बंदर विजय का बैग लेकर भाग गया। उन्होंने बंदर से बैग वापस लेने की कोशिश की, तभी उनका पैर फिसल गया और वह संतुलन खोकर गहरी खाई में जा गिरे। गंभीर हादसे में उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने मशक्कत के बाद खाई से निकलवाया शव
घटना की सूचना मिलते ही पचमढ़ी थाना प्रभारी गोपाल घोसले पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने काफी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकलवाया और शासकीय अस्पताल पहुंचाया। थाना प्रभारी के अनुसार, शुरुआती जानकारी में बंदर से बैग छुड़ाने के प्रयास के दौरान पैर फिसलने से हादसा होना सामने आया है। विजय के साथ उनके पिता और बेटी भी पचमढ़ी आए हुए थे। हादसे के बाद परिवार और पर्यटक दल के सदस्य सदमे में हैं।
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पचमढ़ी में बंदरों के उत्पात से पर्यटक परेशान
प्रियदर्शनी प्वाइंट पर हुए इस हादसे ने पचमढ़ी के पर्यटन स्थलों पर बंदरों के उत्पात और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां बंदर अक्सर पर्यटकों के बैग और खाने-पीने की चीजें छीन लेते हैं। बंदरों से बचाव के लिए कई होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को लोहे की जालियां तक लगवानी पड़ी हैं। जानकारों का मानना है कि पर्यटन स्थलों पर भोजन की आसान उपलब्धता और पर्यटकों द्वारा बंदरों को खाना खिलाने की आदत के कारण ये वन्यजीव आबादी वाले इलाकों की ओर आकर्षित होते हैं। वन विभाग पहले भी पचमढ़ी क्षेत्र से बंदरों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के प्रयास कर चुका है, लेकिन भोजन की उपलब्धता के चलते समस्या बनी हुई है। स्थानीयों के मुताबिक, 1970 के दशक में पचमढ़ी में लाल मुंह वाले बंदरों की मौजूदगी इतनी अधिक नहीं थी। समय के साथ इनकी संख्या और पर्यटन स्थलों पर सक्रियता बढ़ी है।
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पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की जरूरत
इस हादसे ने एक बार फिर ऊंचे व्यू प्वाइंट और गहरी खाइयों वाले पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को उजागर किया है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षित रेलिंग, चेतावनी बोर्ड और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। पर्यटकों को भी बंदरों से दूरी बनाए रखने, उन्हें भोजन नहीं देने और उनके छीने हुए सामान को वापस लेने के लिए उनके पीछे न भागने की सलाह दी जानी चाहिए।




















