संजय सिंह राजपूत, राजनांदगांव। गांवों में शराब दुकान खुलने पर ग्रामीणों के विरोध की खबरें तो आपने अक्सर पढ़ी होंगी, लेकिन राजनांदगांव जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां के दो गांवों के ग्रामीणों ने अपने यहां शराब दुकान खोलने के लिए प्रशासन से मांग की है। इसके लिए उन्होंने न केवल गांव में हस्ताक्षर अभियान चलाया, बल्कि कलेक्ट्रेट और आबकारी विभाग पहुंचकर संबंधित अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा है। दरअसल जिले में 7 नई शराब दुकान खोलने के लिए शासन स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी है। शुरूआती चरण में 3 दुकानों को खोलने की तैयारी चल रही है।
जानकारी के अनुसार, जिले के गैंदाटोला गांव के ग्रामीण एकसाथ कलेक्ट्रेट और आबकारी विभाग के अधिकारियों से मिले और आवेदन देकर अपने गांव में शराब दुकान खोलने की मांग की। जबकि रंगीटोला गांव के ग्रामीणों ने गांव में ही हस्ताक्षर अभियान चलाया और शराब दुकान के लिए अधिकांश लोगों ने अपनी सहमति व्यक्त की है।
गांव में शराब दुकान की मांग को लेकर दोनों गांवों के लोगों के तर्क हैं कि शराब दुकान नहीं होने से गांव में अवैध रूप से शराब बेची जाती है, जिसकी गुणवत्ता खराब रहती है और इसके दाम भी बहुत ज्यादा रहते हैं। वहीं अगर शासन की दुकान पर शराब लेने जाएं तो इसके लिए काफी दूर सफर करना पड़ता है।
गांव में शराब की अवैध बिक्री लगातार बढ़ रही है। इसे रोकने के लिए ग्रामीणों ने एकमत होकर अपने गांव में ही शराब दुकान खोलने के लिए अपनी स्वीकृति दी है।
योगेश सिन्हा, ग्रामीण, रंगीटोला
गांव में शराब दुकान खोलने के लिए शासन को प्रस्ताव दिया गया था। इसके बाद शराब दुकान खोलने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है जिस पर ग्रामीणों को कोई आपत्ति नहीं है।
पुनाराम पटेल, पंच, रंगीटोला
गांव में दुकान नहीं होने से शराब खरीदने के लिए दूरदराज जाना पड़ता है। इसलिए ग्रामीणों ने गैंदाटोला गांव में ही शराब दुकान खोले जाने की मांग की है।
हनीफ कुरैशी, गैंदाटोला
जिले में साथ शराब दुकान खोलने के लिए पूर्व में राज्य शासन को प्रस्ताव दिए गए थे जिस पर स्वीकृति मिल गई है स्वीकृत शराब दुकानों को खोलने के लिए विभाग ने निविदा भी जारी कर दी है जल्द ही नई शराब दुकानों को खोलने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अभिषेक तिवारी, जिला आबकारी अधिकारी, राजनांदगांव