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ओडिशा रेल हादसा : CBI ने ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारियों के फोन जब्त किए

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ओडिशा रेल हादसा : CBI ने ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारियों के फोन जब्त किए
भुवनेश्वर। ओडिशा के बहनागा में दो जून को हुए भीषण ट्रेन हादसे की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हादसे के दिन ड्यूटी पर तैनात कुछ रेलवे कर्मचारियों के फोन जब्त किए हैं। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई टीम ने फॉरेंसिक और तकनीकी टीम के साथ मेन लाइन, लूप लाइन की जांच की और दुर्घटना के दिन ड्यूटी पर मौजूद कुछ कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त किए। टीम अपनी जांच के दौरान कर्मचारियों के कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप कॉल, संदेश और सोशल मीडिया के उपयोग की जांच कर सकती है। सीबीआई की टीम बुधवार को बहनागा बाजार रेलवे स्टेशन पहुंची और करीब 45 मिनट तक हादसे की जांच की। टीम ने मंगलवार को मेन लाइन, लूप लाइन, सिग्नल रूम और कंट्रोल रूम का दौरा कर कुछ अधिकारियों से चर्चा की थी। रेलवे बोर्ड की सिफारिश के आधार पर सीबीआई घटना की जांच कर रही है। सीबीआई के अलावा रेलवे सुरक्षा आयोग भी हादसे की जांच कर रहा है।

अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की मांग!

ओडिशा कांग्रेस विधायक दल के नेता नरसिंह मिश्रा ने बहानगा ट्रेन हादसे की सीबीआई जांच के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर हमला किया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि सीबीआई जांच का आदेश केवल लोगों को गुमराह करने और विनाशकारी दुर्घटना से उनका ध्यान हटाने के लिए दिया गया है। उन्होंने दुर्घटना के लिए वैष्णव को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। इस बीच, पूर्व तटीय रेलवे ने अपने प्रियजनों के शव की तलाश कर रहे लोगों को केवल भुवनेश्वर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जाने की सलाह दी है, जहां शवों को पहचान के लिए रखा गया है।

रेल मंत्री ने बताया हादसे का कारण

ओडिशा के बालासोर में दो जून को हुए रेल हादसे में 288 लोगों की मौत हो गई और एक हजार से ज्यादा लोग घायल हो गए। हादसे का कारण पता चल गया है। रेल मंत्री ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि, यह हादसा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव के कारण हुआ। हमने जिम्मेदारों की भी पहचान कर ली है, उन पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम वह होता है जिसमें ट्रेन का ट्रैक तय किया जाता है। इसके साथ ही रेल मंत्री ने कहा कि हादसे का कवच सिस्टम से कोई लेना-देना नहीं है।

कैसे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, हादसा बालासोर के बहानगा बाजार स्टेशन के पास दो जून शाम करीब 7 बजे हुआ। रेलवे के मुताबिक, कोलकाता-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस और यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस बहानगा स्टेशन के पास डिरेल हो गई थी। इसके बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन पास के ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पहले यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस डिरेल हुई थी। इसके कुछ डिब्बे दूसरी पटरी पर पलटे और दूसरी तरफ से आ रही शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा गए। इसके बाद कोरोमंडल ट्रेन की भी कुछ बोगियां पटरी से उतर गई। ये बोगियां दूसरे ट्रैक पर मालगाड़ी से टकरा गईं। वहीं कुछ बोगियां मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गईं।

उड़ गई पटरी, अलग हो गए पहिए

तीन ट्रेनों की टक्कर इतनी भयानक और भीषण थी कि रेल ट्रैक पर कई किलोमीटर तक पटरी गायब हो गई थी। भीषण टक्कर के बाद पटरी टूटकर दूर जा गिरी। ट्रेन की बोगियों से पहिये अलग हो चुके थी, बोगियां पिचक गईं थीं और ट्रेन के दोनों पहिये अलग हो गए थे। टक्कर के बाद स्टील की बोगियां खिलौने जैसी पिचकी पड़ी थीं। राहतकर्मियों ने गैस कटर से बोगियों को काटकर अलग किया और उसमें फंसे लोगों को निकाला। अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। ये भी पढ़ें- ओडिशा रेल हादसा : रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने घायल चालकों के बयान दर्ज किए
Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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