
भुवनेश्वर। बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरुवार को बोलांगीर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कांटाबांजी विधानसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। इसके दो दिन पहले उन्होंने गंजम जिले में अपनी पारंपरिक हिंजिली सीट से नामांकन पत्र दाखिल किया था। वे दो सीटों से ओडिशा विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
टिटिलागड़ उप जिलाधीश कार्यालय में जाकर मुख्यमंत्री पटनायक ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। इस अवसर पर बीजद नेता कार्तिक पांडियन के साथ बालंगीर सांसद उम्मीदवार सुरेन्द्र सिंह भोई, वरिष्ठ नेता अनंग उदय सिंहदेव, टिटिलागड़ के विधायक उम्मीदवार टुकुनी साहू, बलांगीर विधायक उम्मीदवार कलिकेश सिंहदेव प्रमुख उपस्थित थे।
Balangir: Odisha CM and BJD president Naveen Patnaik files his nomination papers from the Kantabanji Assembly seat
CM Patnaik is contesting the Assembly elections from Kantabanji and Hinjili Assembly seats.
The Assembly elections will be held in Odisha in four phases from May… pic.twitter.com/OT1yZSeMAB
— ANI (@ANI) May 2, 2024
टिटलागढ़ में किया रोड शो
सीएम पटनायक ने टिटलागढ़ में उप जिलाधिकारी कार्यालय तक एक रोड शो का नेतृत्व किया। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ भीड़ थी। महिला कार्यकर्ताओं ने फूलों बारिश भी की।उन्होंने बीजद नेता एवं अपने सहपाठी एयू सिंहदेव और पार्टी नेता वीके पांडियन की उपस्थिति में नामांकन दाखिल किया। इस दौरान बीजद नेता कार्तिक पांडियन, बालंगीर सांसद उम्मीदवार सुरेन्द्र सिंह भोई, वरिष्ठ नेता अनंग उदय सिंहदेव, टिटिलागड़ के विधायक उम्मीदवार टुकुनी साहू, बलांगीर विधायक उम्मीदवार कलिकेश सिंह देव आदि उपस्थित थे।
पटनायक ने दूसरी सीट के रूप में कांटाबांजी को चुना है, क्योंकि यह कालाहांडी, बोलांगीर और बारगढ़ जैसी तीन लोकसभा सीटों से जुड़ी हुई है। ये तीन लोकसभा सीटें 2019 के चुनावों में भाजपा ने जीती थीं।
2019 में भी दो सीटों से लड़ा था चुनाव
बीजद के सूत्रों का मानना है कि कांटाबांजी से चुनाव लड़ने के पटनायक के फैसले का क्षेत्र में खासकर बोलांगीर जिले में बीजद की हिस्सेदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। कांटाबांजी सीट पिछली बार कांग्रेस उम्मीदवार एसएस सलूजा ने जीती थीं। साल 2019 के चुनावों में भी पटनायक ने दो सीटों – बीजेपुर और हिजिंली से चुनाव लड़ा था और दोनों में जीत हासिल की थी। हालांकि, उन्होंने बीजेपुर विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था और हिंजिली सीट बरकरार रखी थी।
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