पेपर लीक पर लगेगा फुल स्टॉप?NTA ला रही ऐसा सिस्टम, एक्सपर्ट्स भी नहीं जान पाएंगे किस एग्जाम के लिए बना रहे सवाल

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 में सामने आए पेपर लीक विवाद ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अब पूरी परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। नई योजना के तहत प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया को इस तरह बदला जाएगा कि, सवाल बनाने वाले एक्पर्ट्स को भी यह जानकारी नहीं होगी कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे प्रश्न NEET, JEE या किसी अन्य परीक्षा में इस्तेमाल किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे पेपर लीक की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी और परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुरक्षित बनेगी।
क्या है NTA का नया प्लान?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, NTA एक बड़े डिजिटल "सेंट्रल क्वेश्चन बैंक" पर काम कर रही है। इस सिस्टम में अलग-अलग विषयों के एक्सपर्ट्स केवल प्रश्न तैयार करेंगे। उनके बनाए गए सभी प्रश्न एक सुरक्षित डिजिटल रिपॉजिटरी में जमा किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस डेटाबेस में करीब 10,000 या उससे अधिक प्रश्न शामिल किए जा सकते हैं। परीक्षा के समय तकनीक और सॉफ्टवेयर की मदद से इन्हीं प्रश्नों में से चयन कर अंतिम प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। इस प्रक्रिया में बहुत कम लोगों को पूरे प्रश्नपत्र की जानकारी होगी।
क्या है 'जीरो-ट्रस्ट आर्किटेक्चर'?
NTA जिस मॉडल पर विचार कर रही है, उसे जीरो-ट्रस्ट आर्किटेक्चर कहा जा रहा है। इस मॉडल का मूल सिद्धांत यह है कि परीक्षा प्रणाली किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं, बल्कि तकनीकी प्रक्रिया और सुरक्षा तंत्र पर आधारित होगी। अर्थात किसी एक व्यक्ति या टीम के पास पूरे प्रश्नपत्र की जानकारी नहीं होगी। इससे लीक या हेरफेर की संभावना कम होगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अगर पेपर लीक होता है तो यह केवल कागज या प्रिंटिंग की समस्या नहीं, बल्कि सिस्टम डिजाइन की कमजोरी है। इसलिए पूरी संरचना को बदलने की जरूरत है।
एक्सपर्ट्स को भी नहीं होगी जानकारी
नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव यही होगा। अब विषय विशेषज्ञों को यह नहीं बताया जाएगा कि वे NEET, JEE Main, CUET या NTA की किसी अन्य परीक्षा के लिए प्रश्न तैयार कर रहे हैं। वे केवल विषय आधारित प्रश्न तैयार करेंगे, जिन्हें बाद में डिजिटल बैंक में सुरक्षित रखा जाएगा। इसके बाद अंतिम प्रश्नपत्र तकनीकी प्रक्रिया के जरिए तैयार होगा। अधिकारियों का मानना है कि, इससे किसी एक स्तर पर पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होगी और गोपनीयता बढ़ेगी।
10 हजार सवालों का बनेगा डिजिटल बैंक
NTA हजारों प्रश्नों का विशाल संग्रह तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। संभावित मॉडल के अनुसार-
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बिंदु |
प्रस्तावित व्यवस्था |
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प्रश्न बैंक |
लगभग 10,000 प्रश्न |
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प्रश्न तैयार करेंगे |
विषय विशेषज्ञ |
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प्रश्न चयन |
सॉफ्टवेयर आधारित |
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अंतिम पेपर |
डिजिटल चयन प्रक्रिया से |
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उद्देश्य |
पेपर लीक रोकना |
अधिकारियों का कहना है कि, भविष्य में यही मॉडल NEET और JEE जैसी बड़ी परीक्षाओं में अपनाया जा सकता है।
AI करेगा 85% ट्रांसलेशन का काम
पेपर लीक जांच में अनुवाद प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आई थी। इसी वजह से NTA अब प्रश्नपत्रों के अनुवाद में भी बड़ा बदलाव करने जा रही है। एजेंसी पहले ही सुप्रीम कोर्ट को बता चुकी है कि भविष्य में करीब 85 प्रतिशत ट्रांसलेशन का काम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से कराया जाएगा। इसके बाद विशेषज्ञ केवल अनुवाद की जांच और सत्यापन करेंगे। NTA की कोशिश है कि, ट्रांसलेशन से जुड़े लोगों को भी यह जानकारी न हो कि वे किस परीक्षा का प्रश्नपत्र देख रहे हैं।
पेपर लीक मामले में अब तक 13 गिरफ्तारियां
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है।
जांच एजेंसी अब तक-
- कई ट्रांसलेटर्स को गिरफ्तार कर चुकी है।
- विषय विशेषज्ञों समेत कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
- जांच में प्रश्नपत्र तैयार करने और अनुवाद प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा में चूक की आशंका सामने आई है।
इन्हीं घटनाओं के बाद परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की जरूरत महसूस की गई।
21 जून को होगा NEET-UG री-एग्जाम
पेपर लीक के बाद रद्द की गई परीक्षा का री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। NTA ने इसके लिए कई अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए हैं।
नए सुरक्षा कदम
- नए विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति
- पेपर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना
- स्टोरेज और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार
- परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाना
एयरफोर्स पहुंचाएगी प्रश्नपत्र
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह के अनुसार, पहली बार प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद ली जा रही है। इस कदम को परीक्षा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पेपर लीक की अफवाहों पर NTA का जवाब
NEET री-एग्जाम से पहले सोशल मीडिया पर पेपर लीक के कई दावे वायरल हो रहे हैं। NTA ने इन सभी दावों को फर्जी और भ्रामक बताया है। एजेंसी का कहना है कि, कुछ गिरोह छात्रों और अभिभावकों को भ्रमित कर आर्थिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। NTA ने छात्रों से अपील की है कि, वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी तैयारी पर फोकस करें। साथ ही ऐसे फर्जी अकाउंट्स और चैनलों की पहचान कर साइबर एजेंसियों को जानकारी दी जा रही है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर क्या बोले किरेन रिजिजू?
इंडियन एक्सप्रेस के एक कार्यक्रम में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने NEET विवाद और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि, शिक्षा मंत्री ने मामले में नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की है और लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। रिजिजू ने कहा कि, किसी मंत्री से इस्तीफा तभी मांगना उचित है जब उस पर सीधे भ्रष्टाचार, रिश्वत या किसी गलत काम में शामिल होने का आरोप हो।
उनके मुताबिक,
- CBSE और NTA स्वतंत्र संस्थाएं हैं।
- इनके रोजमर्रा के संचालन की निगरानी सीधे मंत्री नहीं करते।
- सरकार की जिम्मेदारी समस्या को सुधारना है, उससे बचना नहीं।
छात्रों के लिए क्या बदलेगा?
अगर NTA की नई योजना लागू होती है तो छात्रों के लिए सिलेबस या परीक्षा पैटर्न में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि उन्हें-
- अधिक सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था मिलेगी।
- पेपर लीक की आशंका कम होगी।
- पारदर्शिता बढ़ेगी।
- निष्पक्ष परीक्षा का भरोसा मजबूत होगा।











