सिर्फ स्टंट नहीं!अब कंटेंट पर दांव: टाइगर श्रॉफ का बड़ा रीइन्वेंशन

हिंदी सिनेमा के एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ अपने करियर के अहम पड़ाव पर हैं। ‘गणपत’ और ‘बड़े मियां छोटे मियां’ जैसी फिल्मों के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न करने के बाद टाइगर ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब वे सिर्फ स्टंट और बॉडी शोकेस तक सीमित रहने के बजाय कंटेंट-ड्रिवन एक्शन और मजबूत कहानियों पर फोकस कर रहे हैं। 2026-27 को उनके लिए ‘मेक या ब्रेक’ फेज माना जा रहा है।
साउथ डायरेक्टर के साथ बड़ा प्रोजेक्ट, 10 अप्रैल से शूट
टाइगर ने अपनी अगली बड़ी फिल्म के लिए कन्नड़ फिल्ममेकर सचिन रवि के साथ हाथ मिलाया है, जिन्हें ‘अवाने श्रीमन्नारायण’ के लिए सराहा गया था। इस हाई-बजट (₹150-180 करोड़) फिल्म की शूटिंग 10 अप्रैल 2026 से मुंबई में शुरू होगी। फिल्म में 1980 के दशक के बॉम्बे को रीक्रिएट किया जाएगा, जबकि क्लाइमेक्स यूरोप में शूट होने की योजना है।
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इमोशनल स्पेस में एंट्री: ‘लग जा गले’ से इमेज शिफ्ट
अपनी ‘एक्शन मशीन’ वाली छवि को बदलने के लिए टाइगर ने करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के साथ ‘लग जा गले’ साइन की है। राज मेहता के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में जान्हवी कपूर और लक्ष्य लालवानी भी नजर आएंगे। यह फिल्म रोमांस, ड्रामा और रिवेंज का मिश्रण होगी, जिससे टाइगर के अभिनय के नए पहलू सामने आने की उम्मीद है।
‘रेम्बो’ और ‘वज्र’: बड़े रिस्क, नए एक्सपेरिमेंट
टाइगर की लाइनअप में Rambo सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जिसका बजट ₹200 करोड़ से ज्यादा है। इसे भारतीय संदर्भ में री-इमेजिन किया जा रहा है और इसकी शूटिंग लद्दाख, जॉर्जिया व आइसलैंड में होगी। वहीं राम माधवानी की फिल्म ‘वज्र’ टाइगर के लिए बिल्कुल नया स्पेस है, जिसमें आध्यात्मिकता और एक्शन का मेल देखने को मिलेगा।
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कास्टिंग और विलेन पर खास फोकस, फीस में कटौती
इस बार टाइगर की फिल्मों में सिर्फ हीरो ही नहीं, बल्कि विलेन भी मजबूत बनाए जा रहे हैं। सचिन रवि की फिल्म में शिवा राजकुमार जैसे साउथ स्टार्स को लेने की चर्चा है, जबकि ‘वज्र’ में जयदीप अहलावत या के के मेनन जैसे ‘सिरेब्रल विलेन’ पर विचार हो रहा है। साथ ही, इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक टाइगर ने अपनी फीस में भी कटौती की है, ताकि फिल्मों का बजट संतुलित रहे और बॉक्स ऑफिस रिकवरी आसान हो।
चुनौती: रिपिटेटिव इमेज तोड़कर कंटेंट स्टार बनना
41 साल की उम्र में टाइगर के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी दोहराव वाली छवि से बाहर निकलने की है। बागी 4 4 के बाद अब ‘बागी’ फ्रेंचाइज को रीबूट करने की भी तैयारी चल रही है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अब दर्शक सिर्फ एक्शन नहीं, बल्कि मजबूत कहानी और परफॉर्मेंस भी चाहते हैं। ऐसे में अगर टाइगर अपने नए प्रोजेक्ट्स के जरिए कंटेंट और एक्शन का संतुलन बना पाते हैं, तो वे खुद को एक नए दौर के स्टार के रूप में स्थापित कर सकते हैं।











