भोपाल। राकेश बेदी, वो नाम जिसे सुनते ही आपको हंसी, गहराई और बेहतरीन एक्टिंग की झलक महसूस होती है। फिल्मों में जमील जमाली या चक्रवर्ती चक्रम जैसे किरदारों से पॉपुलैरिटी हो या रंगमंच पर ‘मसाज’ जैसे सोलो नाटक से दर्शकों का दिल जीतना बेदी हर जगह अपने अभिनय और ऊर्जा से सबको मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
हाल ही में इंडीमून्स आर्ट्स फेस्टिवल में रवींद्र भवन के मंच पर जब राकेश बेदी आए, तो बस धमाल ही धमाल था। पॉपुलर फिल्मों और थिएटर के अपने लंबे सफर पर उन्होंने अपने अंदाज में कई बातें की।
पीपल्स अपडेट से बातचीत में बेदी ने कहा, धुरंधर का जमील जमाली वाला किरदार लोगों को पसंद आया, लेकिन यह पहली बार नहीं था। ‘एक दूजे के लिए’ में मेरा चक्रवर्ती चक्रम वाला रोल भी हिट था। फर्क बस इतना था कि तब सोशल मीडिया नहीं था, इसलिए प्यार का दायरा थोड़ा छोटा था।
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फेस्टिवल में उन्होंने अपने नाटक ‘मसाज’ का मंचन किया, जिसमें अकेले ही 24 अलग-अलग किरदार जीवंत किए। राकेश बेदी ने कहा इस नाटक में कोहली साहब, जिम की महिलाएं, बार गर्ल, नायिका की मां, डायरेक्टर का वॉचमैन और केंद्रीय मंत्री के पीए तक हर किरदार अलग अंदाज और लय में पेश किया। हास्य, व्यंग्य, राजनीति, शायरी सब कुछ मिला-जुला है। अंत में दर्शकों ने उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन देकर खूब सराहा। राकेश ने भी बताया कि इसे तैयार करने में लगभग 9 महीने लगे।

पीपल्स अपडेट से बातचीत के दौरान राकेश बेदी बोले, थिएटर ही वो जगह है जहां अभिनेता सच में सीखता है। नसीरुद्दीन शाह जैसे बड़े कलाकार भी जुड़े रहते हैं। विजय तेंदुलकर की रचनाओं में तो मैं हमेशा से फैन रहा हूं। हर नया दर्शक नाटक को ताजगी और नई ऊर्जा देता है।
उन्होंने कहा कि थिएटर में तुरंत सफलता की उम्मीद करना गलत है। लगातार मेहनत करनी पड़ती है, तभी नाम और मौके दोनों धीरे-धीरे मिलते हैं।
जमील जमाली वाले रोल के बारे में उन्होंने बताया, मैंने कोई दिखावटी तैयारी नहीं की। बस ये समझने की कोशिश की कि पाकिस्तान के नेता कैसे बोलते हैं, बॉडी लैंग्वेज कैसी होती है, उनकी स्टाइल क्या है। यही मेरा काम था। और जब पूछा गया कि सबसे पसंदीदा किरदार कौन है, तो मुस्कुराते हुए कहा, यह वैसा ही सवाल है जैसे किसी मां से पूछो कि उसके छह बच्चों में कौन सबसे प्यारा है।
राकेश बेदी ने खुशी जताई कि वर्ल्ड थिएटर डे पर भोपाल में उनका नाटक मंचित हो रहा है। उन्होंने इसे खूबसूरत संयोग बताया। अगले दिन बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्रा नाटक ‘घासीराम कोतवाल’ का मंचन भी हुआ।