अशोक गौतम, भोपाल। प्रदेश में अब कांक्रीट की सड़कों के ऊपर सड़कें नहीं बनाई जाएंगी। पहले खुदाई होगी, इसके बाद उसके ऊपर नए सिरे से कांक्रीट की सड़कें बनाई जाएंगी। इतना ही नहीं, पुरानी रोड के 40 फीसदी मलबे को नई सड़क बनाने के लिए रॉ मटेरियल के रूप में उपयोग किया जाएगा। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इसे अब अपने SOR (शेड्यूल ऑफ रेट) में शामिल कर लिया है। इससे शहरों में जगह-जगह मलबे का ढेर नहीं दिखाई देगा और सड़कों की लागत भी कम की जा सकेगी।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में सभी नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग के इस निर्णय से लाखों मकान मालिकों को राहत मिलेगी। आम तौर पर शहरों में कांक्रीट की सड़कें उखड़ने के बाद निकाय उसी के ऊपर दोबारा कांक्रीट की सड़कें बना देते हैं। इससे सड़कें ऊंची हो जाती हैं और बारिश में पानी लोगों के घरों में भरता है।
सड़कों के साथ नाली का भी प्रवधान होगा। नालियां अंडरग्राउंड होंगी, जिससे बारिश का पानी नाली के जरिए नाले तक पहुंच सके। नालियों का भी चैनलाइजेशन किया जाएगा। जहां तराई क्षेत्र है, वहां गहरी और चौड़ी नालियां बनाई जाएंगी, जिससे जल्द पानी निकल सके। जहां पर दो सड़कें आपस में मिलती है, वहां पर पुल-पुलिया का प्रावधान होगा। जिससे बिना रुके पानी नाले से होकर बाहर निकाल जाए। बारिश से पहले इनकी सफाई का भी काम निकायों को करना जरूरी होगा।
भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के अन्य महानगरों में साल दर साल सड़कों की ऊंचाई बढ़ने से घर की सतह नीची होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस तरह की सबसे ज्यादा समस्या भोपाल के कोलार में आ रही है। हाल ही में नगर निगम ने अरेरा कॉलोनी में डामर की सड़क पर कांक्रीट की रोड बना दी, इससे कई घरों की सतह नीचे हो गई। रहवासियों ने विरोध किया तो रोड का निर्माण रोक दिया गया।
सड़क अगर ज्यादा खराब नहीं है, तो हल्की सी खुदाई कर ऊपर की परत निकाली जाएगी। फिर उसके ऊपर डामर की सड़क बनाई जाएगी। इस तरह की सड़कें उन क्षेत्रों में बनाई जाएंगी, जहां पानी का भराव नहीं होता है। जहां पानी का भराव होता है, वहां कांक्रीट की सड़कें बनेंगी।
शुरुआत में मेरा घर सड़क से एक फीट ऊपर था। सात वर्ष पहले रोड फिर बनी, तो उसका और मेरे घर का लेवल बराबर हो गया। दो साल पहले फिर रोड बनी, तो मेरा घर रोड से नीचे हो गया। अब बारिश में रोड का पानी घर में आता है।
प्रवीण लिखार, निवासी कोलार
रोड के ऊपर रोड नहीं बनाई जाएगी। पहले उसकी खुदाई होगी, इसके बाद नए सिरे से रोड बनेगी। इस संबंध में सभी निकायों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। रोड बनाते समय लोगों के घरों का लेवल भी देखा जाएगा, इसके बाद रोड की ऊंचाई तय की जाएगी।
संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय विकास एवं आवास विभाग