High Court News : सड़कों की उम्र बढ़ाने सरकार ने बदल दी शर्त, हाईकोर्ट का निजी कंपनी को राहत देने से इनकार

देशी कंपनियों से बिटुमेन खरीदने की शर्त का मामले में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सरकार को नोटिस जारी करके जवाब पेश करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई हाईकोर्ट में अब 13 जनवरी को होगी 
सड़कों की उम्र बढ़ाने सरकार ने बदल दी शर्त, हाईकोर्ट का निजी कंपनी को राहत देने से इनकार
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जबलपुर। मप्र सरकार के लोक निर्माण विभाग के उस फैसले पर हाईकोर्ट ने कोई भी अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया, जिसमें सड़कों की उम्र बढ़ाने के लिए बिटुमेन (अस्फाल्ट/डामर) अब सिर्फ देशी कंपनियों से खरीदने का निर्णय लिया गया था। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने मामले पर सरकार को नोटिस जारी करके जवाब पेश करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी।

    याचिका में कहा निजी कंपनियों से प्रोडक्ट खरीदने पर सीधा प्रतिबंध 

    भोपाल की मे. बीपीएल पेट्रो केमिकल्स कंपनी की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि सड़कों और पुलों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बिटुमेन की खरीदी व बिक्री वो पिछले दो दशकों से कर रही है। पूरे प्रदेश में बिटुमेन की सप्लाई के लिए उनके पास 15 कैरियर हैं। याचिका में कहा गया है कि मप्र सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रमुख सचिव ने 8 सितंबर 2025 को नया आदेश जारी किया। इस आदेश के क्लॉज-7 में प्रावधान किया गया कि सड़क निर्माण से जुड़े सभी ठेकेदारों को बिटुमेन अब केवल देशी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल रिफाइनरियों से ही खरीदना होगा। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस आदेश के जरिए निजी कंपनियों से उत्पाद खरीदने पर सीधा प्रतिबंध लगा दिया गया, जो अवैधानिक है। 

    खराब बिटुमेन के कारण जल्दी उखड़ती हैं सड़कें

    मामले पर मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत रूपराह ने डिवीजन बेंच को बताया कि खराब बिटुमेन का इस्तेमाल करने के कारण प्रदेश में बन रहीं सड़कें बहुत जल्दी खराब हो रहीं हैं। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि सड़कों की उम्र बढ़ाने देशी कंपनियों से ही बिटुमेन खरीदा जाएगा। ऐसे में सरकार के इस फैसले को गलत नहीं ठहराया जा सकता। मामले पर गौर करके बेंच ने याचिकाकर्ता को कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार करके सरकार को जवाब पेश करने के निर्देश दिए।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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