Naresh Bhagoria
29 Jan 2026
Naresh Bhagoria
29 Jan 2026
Naresh Bhagoria
29 Jan 2026
Shivani Gupta
29 Jan 2026
पटना। 74 साल के नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10 बार सीएम पद की शपथ लेकर इतिहास रचा है। जिससे प्रदेश में उनका वर्चस्व और बढ़ गया है। हालांकि दूसरी ओर भाजपा ने उन्हें तगड़ा झटका तब दिया जब उनसे 20 सालों बाद गृह विभाग वापिस लेकर अपने पास रखा। लेकिन बिहार में इन दिनों अटकलों का बाजार नई ओर मुड़ रहा है।
दरअसल नीतीश के बाद JDU का दायित्व कौन संभालेगा, और इससे भी बड़ा सवाल नीतीश अपना अगला उत्तराधिकारी किसे बनाएंगे। इस सवाल पर बेहस तेज हो गई है। जिसमें उनके बेटे निशांत कुमार के नाम की चर्चा जोरों पर हैं। तो क्या खरमास के बाद बिहार में सत्ता में नया चेहरा जादू बिखरेगा।
सवाल जायज है कि नीतीश कुमार के बाद जदयू और बिहार सरकार का नेतृत्व कौन संभालेगा? वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पहली बार गंभीरता से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते बेटे निशांत कुमार के नाम पर राजनीतिक बाजार गर्म है। हालांकि निशांत अब तक राजनीतिक विवादों से दूर रहे हैं और उनकी छवि एक सरल व सहज व्यक्ति की बनी हुई है। इस चर्चा को हवा मिली JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा के ताजा बयान से।
बीते दिनों पटना एयरपोर्ट पर जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार एक साथ नजर आए। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में संजय कुमार झा ने खुलकर कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक निशांत कुमार को राजनीति में सक्रिय भूमिका में देखना चाहते हैं। हालांकि, जब मीडिया ने निशांत कुमार से इस विषय पर सवाल किया तो उन्होंने जवाब देने से बचते हुए सवालों को टाल दिया।
इसी बीच, सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर एक अहम लेकिन सीमित बैठक हुई। इस बैठक में अमित शाह के अलावा बिहार से आए जदयू के दो प्रमुख नेता जिनमें केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और JDU के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि बैठक का मुख्य एजेंडा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद बिहार की सियासत का भविष्य और संभावित राजनीतिक परिदृश्य रहा। अमित शाह ने दोनों नेताओं से साफ-साफ पूछा कि यदि नीतीश कुमार स्वास्थ्य कारणों से मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं तो आगे का प्लान क्या होगा?
जिसमें सवाल उठता है कि क्या निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाकर नेतृत्व की दिशा में कदम उठाया जा सकता है? वहीं, सियासी गलियारों में यह भी चर्चा चल रही है कि निशांत को डिप्टी सीएम तो बीजेपी का कोई चेहरे सीएम के रूप में दिख सकता है।