ग्वालियर-भिंड रोड के चौड़ीकरण की मांग को लेकर बरेठा टोल प्लाजा पर संत समाज और स्थानीय लोगों ने ‘नो रोड, नो टोल’ आंदोलन किया। करीब दो घंटे तक हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। प्रशासन द्वारा जल्द डीपीआर तैयार कराने का भरोसा दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हुआ।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ग्वालियर से भिंड तक लगभग 108 किलोमीटर लंबे हाईवे के चौड़ीकरण का प्रस्ताव वर्षों से लंबित है। इस परियोजना को लेकर पहले भी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सहित कई जनप्रतिनिधियों द्वारा आश्वासन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौजूदा सड़क संकरी और खराब होने के कारण इस मार्ग पर आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, जिससे लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है।
प्रदर्शन का नेतृत्व संत कालीदास महाराज ने किया, जिनके साथ करीब 500 लोग टोल प्लाजा पहुंचे। आंदोलन के दौरान कठमा आश्रम के संत श्रीकृष्ण पायलट बाबा ने सड़क पर धूनी रमाकर हवन भी किया। स्थिति को देखते हुए टोल प्रबंधन ने कुछ समय के लिए टोल फ्री कर दिया। हालांकि, कुछ वाहनों से ऑटोमैटिक टोल कटने पर प्रदर्शनकारियों ने नाराज होकर टोल प्लाजा के कैमरों को नुकसान पहुंचा दिया।
ये भी पढ़ें: Academy Awards 2026: ऑटम डुरल्ड आर्कापॉ ने रचा इतिहास, ‘बेस्ट सिनेमैटोग्राफी’ जीतने वाली पहली महिला बनीं
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। लगभग 250 पुलिसकर्मियों की तैनाती के बीच अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और जल्द ही परियोजना की डीपीआर तैयार कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद संत समाज और स्थानीय लोगों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया और यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया।