मेहनत रंग लाई :आरक्षक की नौकरी से शुरू हुआ सफर, अब सूबेदार बनीं निकिता ठाकुर

बेगमगंज। कड़ी मेहनत और लगन से छोटे पद से नोकरी शुरू करने वाली जीवंतता की धनी कु. निकिता ठाकुर के लिए आरक्षक से सूबेदार बनने तक का सफर आसान नहीं है लेकिन उन्होंने जो ठाना वो कर दिखाया। निकिता ने ये सिद्ध कर दिया कि कड़ी मेहनत, धैर्य, समर्पण, ईमानदारी से गौरवपूर्ण मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।
कु. निकिता के पिता प्रीतम सिंह ने जो सिविल अस्पताल बेगमगंज में कुष्ठ रोग एवं क्षय रोग के साथ साथ अन्य राष्ट्रीय प्रोग्राम में स्वस्थ कार्यकर्ता के पद पर शासकीय कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन ओर बेटी को दिए हौसले ने आज उसे सफलता के मुकाम पर पहुंचा दिया है। जबकि उनकी बड़ी पुत्री नीतू सिंह ठाकुर का सबसे कम आयु में 2017 में सूबेदार के ही पद पर चयन हुआ था और पुत्र वेद सिंह ठाकुर का हाल ही में जेईई में चयन हुआ है।
पिछले 8 साल से आरक्षक रहते हुए पढ़ाई की
निकिता ने पिछले 8 वर्षों से मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक के पद पर पदस्थ रहते हुए भी आगे की पढ़ाई जारी रखी और ऊंचा पद पाने की तैयारी में जुटी रही। उन्होंने प्रारंभिक 5 वर्ष जिला दमोह एवं वर्तमान में पिछले 3 वर्ष से रायसेन में महिला आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं।
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रिश्तेदारों ने दी बधाइयां
निकिता ठाकुर ने अपनी कड़ी मेहनत धैर्य और समर्पण से उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा 2025 में मध्य प्रदेश पुलिस में सूबेदार का पद प्राप्त किया जो कि विगत 8 वर्षों तक लगातार कठिन मेहनत , धैर्य, समर्पण और संघर्ष का परिणाम है कि आज वो मध्य प्रदेश पुलिस में सूबेदार पद पर चयनित हुई है।परिजनों , रिश्तेदारों , राजनेताओं एवं समाजसेवियों ने निकिता का भव्य स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दीं।












