रायसेन में बैंक कियोस्क में लाखों का गबन:40 लाख से ज्यादा की अनियमितता, गरीबों की जमा पूंजी अटकी; संचालक फरार

रायसेन। आरोप है कि कियोस्क संचालक गोपाल सिंह राजपूत कई दिनों से फरार है। पीड़ितों का कहना है कि बैंक की सील लगी रसीद और दस्तावेज होने के बावजूद उनकी जमा राशि बैंक रिकॉर्ड में दिखाई नहीं दे रही है। SBI प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि कोतवाली पुलिस भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज करने की बात कही गई है।
महिला की 3.70 लाख की एफडी निकली फर्जी
टिपटा बाजार निवासी नुसरत बी ने बताया कि पति के निधन के बाद बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने 3.70 लाख रुपये की FD कियोस्क के माध्यम से कराई थी। उन्हें बैंक की सील लगी रसीद और दस्तावेज भी दिए गए थे, लेकिन अब बैंक रिकॉर्ड में यह एफडी फर्जी बताई जा रही है। पीड़िता का कहना है कि जब तक उनकी जमा राशि वापस नहीं मिलती, तब तक वह न्याय के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। इस मामले ने अन्य खाताधारकों की चिंता भी बढ़ा दी है।
पीड़िता ने मकान बेचकर जमा किए 1.70 लाख
एक अन्य पीड़िता गुलस्ता बी ने बताया कि मकान बेचने से मिली रकम में से 1.70 लाख रुपये कियोस्क में जमा किए थे। पासबुक अपडेट कराने पर खाते में मात्र 10 हजार रुपये ही दिखाई दिए। इससे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़िता का कहना है कि उनकी जीवनभर की जमा पूंजी अचानक गायब हो गई और अब उन्हें अपनी ही रकम के लिए बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
भीख मांगकर जोड़े पैसे भी नहीं मिले
वार्ड-3 निवासी रचना यादव ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई के लिए मेहनत-मजदूरी कर 37 हजार रुपये जमा किए थे। आरोप है कि संचालक ने अंगूठा लगवाकर 25 हजार रुपये निकाल लिए, लेकिन उन्हें पैसे नहीं दिए। बाद में पासबुक अपडेट कराने पर खाते में केवल 12 हजार रुपये ही बाकी मिले। वहीं जमना प्रसाद ने भी शिकायत की कि भीख मांगकर वर्षों में बचाए 31 हजार रुपये कियोस्क में जमा किए थे, लेकिन अब खाते में वह राशि नहीं है।
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कई परिवारों की उम्मीद टूटी
घोटाले से प्रभावित लोगों में ज्यादातर गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवार हैं। किसी ने बच्चों की पढ़ाई के लिए बचत की थी तो किसी ने पति की मौत के बाद भविष्य सुरक्षित करने के लिए एफडी कराई थी। अब अपनी ही जमा पूंजी पाने के लिए लोग दर-दर भटक रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि उनकी पूरी जिंदगी की मेहनत की कमाई दांव पर लग गई है और उन्हें जल्द न्याय मिलना चाहिए।
जांच के बाद होगी एफआईआर
SBI के शाखा प्रबंधक अविनाश कुमार ने बताया कि शिकायतों के आधार पर सभी संबंधित खातों के लेन-देन की जांच की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद कियोस्क संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। कोतवाली थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने बताया कि शिकायतों का परीक्षण किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया जाएगा। पूरे मामले में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि बैंक की सील लगी रसीद और दस्तावेज होने के बावजूद फर्जी एफडी कैसे जारी हुई, कियोस्क के लेन-देन की समय-समय पर निगरानी क्यों नहीं हुई, गरीबों की जमा पूंजी की सुरक्षा के लिए बैंक की जवाबदेही क्या होगी और यदि गड़बड़ी पहले पकड़ ली जाती तो क्या करोड़ों की बचत सुरक्षित रह सकती थी।












