Aakash Waghmare
31 Jan 2026
नई दिल्ली। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर बड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का नाम प्रमुख रूप से आया है। इसके साथ ही पाकिस्तानी आतंकी साजिद जट्ट का नाम भी प्रमुख रूप से शामिल किया गया है। चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि साजिद जट्ट ही पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड था।
साजिद जट्ट, जिसका असली नाम हबीबुल्लाह मलिक है, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कसूर जिले का निवासी है। वह लंबे समय से लश्कर और TRF के लिए शीर्ष कमांडर और आतंकी हैंडलर है। भारत सरकार ने उस पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा है और वह NIA की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है। अक्टूबर 2022 में उसे UAPA के तहत ‘व्यक्तिगत आतंकी’ घोषित किया जा चुका है। साजिद जट्ट कई उर्फ नामों—जैसे सैफुल्लाह, नुमान, शानी और उस्मान हबीब—से भी जाना जाता है।
साजिद जट्ट 2023 से 2025 के बीच जम्मू-कश्मीर में हुए कई बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। इनमें जनवरी 2023 का राजौरी धांगरी नरसंहार, मई 2024 में पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हमला, जून 2024 का रियासी बस हमला और अप्रैल 2025 का पहलगाम आतंकी हमला शामिल है। पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे।
NIA की चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि साजिद जट्ट ने कश्मीर में सक्रिय हाइब्रिड आतंकियों को लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल सपोर्ट उपलब्ध कराया। एजेंसी ने 1,597 पन्नों की यह चार्जशीट जम्मू की विशेष NIA अदालत में दाखिल की है। इसमें पाकिस्तान की साजिश, आरोपियों की भूमिका और तकनीकी व जमीनी सबूतों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
चार्जशीट में जुलाई 2025 में दाचीगाम इलाके में ऑपरेशन ‘महादेव’ के दौरान मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों—फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी—के नाम भी शामिल हैं। सभी आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता 2023, आर्म्स एक्ट 1959, UAPA 1967 और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने से जुड़ी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।