20 अप्रैल से शुरू हो रहे हफ्ते में शेयर बाजार पॉजीटिव रुख के साथ खुल सकता है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। बातचीत के नए दौर की खबरों से बाजार में राहत का माहौल बना है जिसका असर शुरुआती कारोबार में दिख सकता है।
ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड करीब 10% टूटकर 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। तेल सस्ता होने से कंपनियों की लागत घटती है और महंगाई पर दबाव कम होता है जिससे बाजार को मजबूती मिलती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी अच्छे संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में करीब 1.5% की तेजी रही, वहीं गिफ्ट निफ्टी लगभग 250 अंक चढ़कर बंद हुआ। जिसके चलते सोमवार को भारतीय बाजार में भी पॉजिटिव शुरुआत दिख सकती है।
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विदेशी निवेशकों (FIIs) की खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी है। 15 से 17 अप्रैल के बीच FIIs ने 1,500 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया, जिसमें शुक्रवार को ही करीब 683 करोड़ रुपए की खरीदारी हुई। अगर यह ट्रेंड जारी रहता है तो बाजार में तेजी बनी रह सकती है।
इस हफ्ते बाजार की दिशा तय करने में चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे अहम भूमिका निभाएंगे। एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, M&M, Infosys और HCL जैसी बड़ी कंपनियां अपने नतीजे घोषित करेंगी। इससे पहले आए बैंकिंग नतीजों ने पॉजिटिव माहौल बना दिया है जिसमें HDFC Bank का मुनाफा 9% बढ़कर ₹19,221 करोड़, ICICI Bank का मुनाफा 8.5% बढ़कर ₹13,702 करोड़ और Yes Bank का मुनाफा 44.8% उछलकर ₹1,068 करोड़ रहा है।
डॉलर के मुकाबले रुपया 92.92 पर मजबूत बंद हुआ है। हाल ही में 95.21 के निचले स्तर से इसमें अच्छी रिकवरी आई है। मजबूत रुपया आयात सस्ता करता है और महंगाई को काबू में रखने में मदद करता है जिससे बाजार में पॉजिटिव माहौल बनता है।
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अगर निफ्टी 24,400 के ऊपर बना रहता है तो 24,800 से 25,000 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,000 अहम सपोर्ट और 23,800 मजबूत बेस माना जा रहा है। RSI करीब 57 पर है जो बाजार में रिकवरी के संकेत देता है।