Manisha Dhanwani
11 Jan 2026
नई दिल्ली। देश में 21 नवंबर से श्रम व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार ने पुराने 29 श्रम कानूनों की जगह 4 नए लेबर कोड लागू कर दिए हैं। सरकार का दावा है कि इससे 40 करोड़ से ज्यादा श्रमिकों को सीधा फायदा मिलेगा। नए नियमों का उद्देश्य श्रमिकों को सुरक्षा देना और उद्योगों के लिए आसान नियम लागू करना है।
बता दें कि, नए लेबर कोड नियम के अनुसार किसी भी कंपनी या संस्थान में काम शुरू करने पर हर कर्मचारी को लिखित नियुक्ति पत्र देना जरूरी होगा। इससे नौकरी की शर्तें और अधिकार पहले दिन से स्पष्ट रहेंगे। वहीं, देशभर में एक समान मिनिमम वेतन सिस्टम होगा। इससे कम वेतन पर काम कर रहे मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा और उनका जीवन स्तर बेहतर होने की उम्मीद है।
नया कानून कहता है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान करना कंपनियों के लिए कानूनी रूप से जरूरी होगा। देर या डिफॉल्ट होने पर कार्रवाई की जा सकेगी। साथ ही पहले ग्रेच्युटी के लिए 5 साल नौकरी जरूरी थी। लेकिन अब सिर्फ 1 साल की पक्की नौकरी पर भी कर्मचारी को ग्रेच्युटी मिलेगी।
इसके अलावा 40 साल से ज्यादा उम्र के हर कर्मचारी का साल में एक बार मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य होगा। खनन, केमिकल और कंस्ट्रक्शन जैसे जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करने वालों को 100 प्रतिशत हेल्थ कवरेज मिलेगा।
अब ओवरटाइम कराने पर भी कंपनियों को कर्मचारियों को दोगुना वेतन देना होगा। इसके साथ-साथ महिलाएं अब सुरक्षा इंतजाम और सहमति के साथ ही रात की शिफ्ट में काम कर सकेंगी। पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स (जैसे कैब ड्राइवर, डिलीवरी ब्वॉय आदि) को कानूनी पहचान और PF, बीमा, पेंशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी।