Aakash Waghmare
10 Jan 2026
Aakash Waghmare
10 Jan 2026
Shivani Gupta
10 Jan 2026
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 56 वर्षीय व्यक्ति ने वहां नमाज पढ़ने की कोशिश की। जैसे ही उसने नमाज के लिए कपड़ा बिछाया, वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत रोक लिया।
पूछताछ के दौरान व्यक्ति ने अपना नाम अबु अहद शेख बताया। वह जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है।
घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। आरोपी से राम मंदिर परिसर में बने पुलिस कंट्रोल रूम में पूछताछ की जा रही है। उससे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वह अयोध्या क्यों आया था।
व्यक्ति के बयानों की पुष्टि के लिए राम मंदिर पथ और रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, वह बिहार के रास्ते उत्तर प्रदेश और फिर अयोध्या पहुंचा था।
शुरुआत में मंदिर परिसर से तीन लोगों के पकड़े जाने की सूचना सामने आई थी। हालांकि, अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर ने स्पष्ट किया कि पुलिस के पास सिर्फ एक ही व्यक्ति है, जिसे नमाज पढ़ने का प्रयास करते समय पकड़ा गया।
फिलहाल, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गलत जानकारी न फैले और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
अयोध्या में राम मंदिर परिसर के चारों ओर 15 किलोमीटर के दायरे में अब मांसाहारी भोजन की बिक्री और होम डिलीवरी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला धार्मिक भावनाओं और आस्था की रक्षा के लिए लिया गया है।
प्रशासन के अनुसार, पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र में ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स के जरिए नॉन-वेज भोजन पहुंचाए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद प्रशासन ने ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं पर भी सख्ती से रोक लगाने का निर्णय लिया।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ होटल और होमस्टे में मेहमानों को मांसाहारी भोजन और शराब परोसे जाने की सूचनाएं मिली थीं। इन मामलों को गंभीर मानते हुए संबंधित संचालकों को कड़ी चेतावनी दी गई है और नियम तोड़ने पर कार्रवाई की बात कही गई है।
अयोध्या नगर निगम ने अयोध्या-फैजाबाद को जोड़ने वाले 14 किलोमीटर लंबे राम पथ पर मांस और शराब की बिक्री बंद करने का फैसला लिया था।
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि मांस की दुकानों को हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है, लेकिन शराब की दुकानों पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन की अनुमति जरूरी होती है, जिससे प्रक्रिया में देरी हो रही है।