नए टैक्स कानून का मकसद सिस्टम को सरल बनाना और मिडिल क्लास को राहत देना है। हालांकि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन छूट और प्रक्रियाओं में सुधार से सैलरी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
नए नियमों के तहत मेट्रो सिटीज जैसे बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को अब 50 प्रतिशत तक HRA छूट मिलेगी। वहीं दिल्ली-NCR के लोगों को केवल 40 प्रतिशत तक ही टैक्स छूट का फायदा मिलेगा।
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मेडिकल खर्च पर छूट की सीमा 20 हजार से बढ़ाकर 2 लाख करने का प्रस्ताव है। वहीं बच्चों के एजुकेशन अलाउंस को 100 रुपये से बढ़ाकर 3 हजार प्रति माह और हॉस्टल अलाउंस को 300 रुपये से बढ़ाकर 9 हजार प्रति माह कर दिया गया है।
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अब फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर को मिलाकर एक ही ‘टैक्स ईयर’ बनाया गया है, जिससे टैक्स फाइलिंग आसान हो जाएगी। साथ ही ITR फॉर्म को भी नए तरीके से डिजाइन किया जाएगा।