Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

ITR Alert!इनकम छुपाना पड़ेगा भारी, 200% तक लगेगा जुर्माना

भारतीय निवेशकों के बीच विदेशी शेयर बाजारों में निवेश करने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। अब मोबाइल ऐप्स के जरिए घर बैठे एप्पल, गुगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियों में निवेश करना आसान हो गया है।
इनकम छुपाना पड़ेगा भारी, 200% तक लगेगा जुर्माना
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भारतीय निवेशकों के बीच विदेशी शेयर बाजारों में निवेश करने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। अब मोबाइल ऐप्स के जरिए घर बैठे एप्पल, गुगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियों में निवेश करना आसान हो गया है। लेकिन इसी के साथ आयकर विभाग ने विदेशी कमाई को लेकर सख्ती भी बढ़ा दी है। अब निवेशकों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे विदेश से होने वाली हर छोटी-बड़ी आय को अपने ITR में सही तरीके से दिखाएं वरना भारी जुर्माना लग सकता है।

    विदेशी निवेश से दो तरह की कमाई

    विदेशी शेयरों में निवेश करने वाले निवेशकों को आमतौर पर दो तरह से कमाई होती है। पहली कमाई कैपिटल गेन के रूप में होती है, यानी जब आप किसी शेयर को खरीद से ज्यादा कीमत पर बेचते हैं। दूसरी कमाई डिविडेंड के जरिए होती है, जिसमें कंपनियां अपने मुनाफे का हिस्सा शेयरधारकों को देती हैं। कई निवेशक कैपिटल गेन को तो दिखा देते हैं लेकिन छोटी रकम वाले डिविडेंड को नजरअंदाज कर देते हैं जो बड़ी गलती साबित हो सकती है।

    ये भी पढ़ें: 1 अप्रैल से जेब पर पड़ेगा ‘टोल का वार’! भोपाल-जबलपुर समेत कई हाईवे रूट्स पर सफर होगा महंगा

    1 रुपये का भी डिविडेंड छिपाया तो समस्या

    आयकर नियमों के अनुसार, अगर आपको विदेशी कंपनी से 1 रुपये का भी डिविडेंड मिलता है, तो उसे अपनी कुल आय में जोड़ना और ITR में दिखाना अनिवार्य है। अक्सर लोग यह सोचकर छोटी रकम को नजरअंदाज कर देते हैं कि इतनी कम राशि पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, लेकिन अब ऐसा करना जोखिम भरा हो गया है। विभाग हर ट्रांजैक्शन पर नजर रख रहा है।

    AEOI के जरिए विभाग तक पहुंचती है जानकारी

    आज का आयकर सिस्टम पहले से कहीं ज्यादा एडवांस हो चुका है। भारत कई देशों के साथ ‘ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन’ यानी AEOI के तहत डेटा साझा करता है। इसका मतलब है कि अगर आपने विदेश में निवेश किया है तो उसकी जानकारी पहले से ही विभाग के पास पहुंच रही है। ऐसे में आय छिपाने की कोशिश आसानी से पकड़ में आ सकती है।

    ‘Schedule FA’ और इनकम रिपोर्टिंग में फर्क समझें

    ITR भरते समय निवेशक अक्सर ‘Schedule FA’ में अपनी विदेशी संपत्तियों की जानकारी तो दे देते हैं लेकिन उससे हुई कमाई दिखाना भूल जाते हैं। यह समझना जरूरी है कि Schedule FA केवल आपकी संपत्तियों का ब्यौरा मांगता है, न कि आय का। डिविडेंड को हमेशा “Income from Other Sources” में दिखाना जरूरी है वरना आपका रिटर्न गलत माना जा सकता है।

    50% से 200% तक लग सकता है जुर्माना

    अगर कोई करदाता अपनी आय छिपाता है या गलत जानकारी देता है, तो इसे ‘Under-reporting’ माना जाता है। ऐसे मामलों में आयकर विभाग टैक्स के साथ 50% से लेकर 200% तक का जुर्माना लगा सकता है। गंभीर मामलों में ब्लैक मनी एक्ट के तहत कार्रवाई और सजा का भी प्रावधान है।

    ये भी पढ़ें: ट्रंप के खिलाफ सबसे बड़ा प्रदर्शन? 'No Kings Protest' से हिला अमेरिका! सड़कों पर उतरे लाखों लोग

    गलती सुधारने का आखिरी मौका

    अगर आपने पहले ITR में विदेशी आय नहीं दिखाई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ‘Updated ITR’ भरने की सुविधा देती है, जिसके जरिए आप अपनी गलती सुधार सकते हैं। इसे मूल रिटर्न दाखिल करने के 24 महीने के भीतर भरा जा सकता है। हालांकि इसके लिए अतिरिक्त टैक्स और पेनल्टी देनी पड़ती है, इसलिए समय रहते सही जानकारी देना ही बेहतर विकल्प है।

    Sumit  Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

    Latest Posts