छिंदवाड़ा में APK फाइल डाउनलोड करना पड़ा भारी, हैकर ने WhatsApp किया हैक; फर्जी एक्सीडेंट फोटो भेजकर मांगे पैसे

छिंदवाड़ा। साइबर ठग अब सरकारी योजनाओं के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव थाना क्षेत्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर भेजी गई संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करना 19 वर्षीय युवक को भारी पड़ गया। फाइल डाउनलोड करते ही युवक का WhatsApp अकाउंट हैकर के नियंत्रण में चला गया। इसके बाद आरोपी ने युवक की फर्जी एक्सीडेंट की तस्वीर तैयार कर उसके दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजी और इलाज के नाम पर QR कोड के जरिए पैसे मांगने लगा। मामला चटुआ नवेगांव का है। यहां रहने वाले आयुष उइके (19), पिता गुरु दयाल ने पुलिस को बताया कि शनिवार, 29 अगस्त को उसके WhatsApp पर प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से एक APK फाइल भेजी गई थी। सरकारी योजना से जुड़ी फाइल समझकर आयुष ने उसे डाउनलोड कर लिया। इसके बाद उसके WhatsApp अकाउंट पर उसका नियंत्रण नहीं रहा और हैकर ने उसके संपर्कों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया।

फर्जी एक्सीडेंट की तस्वीर बनाकर भेजी
WhatsApp अकाउंट पर कब्जा करने के बाद साइबर ठग ने आयुष की एक फर्जी एक्सीडेंट वाली तस्वीर तैयार की। तस्वीर के साथ एक पेमेंट QR कोड भी लगाया गया और युवक के WhatsApp संपर्कों को भेज दिया गया। मैसेज में हादसे का हवाला देते हुए तत्काल पैसों की जरूरत बताई गई। आयुष के दोस्तों और रिश्तेदारों को जब यह मैसेज मिला तो उन्होंने हादसे की पुष्टि करने के लिए सीधे आयुष को फोन किया। बातचीत के बाद उन्हें पता चला कि आयुष के साथ कोई दुर्घटना नहीं हुई है। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और युवक तत्काल पुलिस के पास पहुंचा।
पुलिस ने समय रहते सुरक्षित किया WhatsApp अकाउंट
घटना की जानकारी मिलते ही आयुष जुन्नारदेव थाने पहुंचा और उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे को पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस ने युवक के मोबाइल की जांच की और उसमें मौजूद संदिग्ध APK फाइल को हटाया। इसके बाद WhatsApp को री-इंस्टॉल कराकर अकाउंट को सुरक्षित किया गया। पुलिस की तत्परता के चलते साइबर ठग की ओर से भेजे गए फर्जी मैसेज के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ आर्थिक ठगी होने से पहले ही मामले को संभाल लिया गया।
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सरकारी योजनाओं के नाम पर बढ़ रहे साइबर फ्रॉड
इस घटना ने एक बार फिर साइबर ठगों के बदलते तरीकों को सामने ला दिया है। ठग लोगों को सरकारी योजना, सब्सिडी, फ्री रिचार्ज, लॉटरी या दूसरे आकर्षक ऑफर का झांसा देकर APK फाइल, लिंक या अन्य संदिग्ध फाइल भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति ऐसी फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करता है, उसका मोबाइल या किसी ऐप का अकाउंट साइबर अपराधियों के निशाने पर आ सकता है। जुन्नारदेव पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान नंबर, WhatsApp ग्रुप या संदिग्ध लिंक से मिली किसी भी APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। किसी सरकारी योजना के नाम पर भेजे गए लिंक या फाइल पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिकता की जांच जरूर करें।
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परिचित के नंबर से पैसे मांगे जाएं तो भी पहले करें पुष्टि
पुलिस ने लोगों को यह भी सलाह दी है कि यदि किसी परिचित के WhatsApp नंबर से एक्सीडेंट, बीमारी या किसी अन्य आपात स्थिति का हवाला देकर पैसे मांगे जाते हैं, तो तुरंत रकम ट्रांसफर न करें। पहले संबंधित व्यक्ति को उसके मोबाइल नंबर पर सीधे कॉल कर घटना की पुष्टि करें। खास तौर पर QR कोड के जरिए जल्दबाजी में पैसे भेजने से बचना चाहिए। साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की स्थिति में तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह पुलिस ने दी है।




















