भरी कुर्सी-खाली कुर्सी :विधायक के खिलाफ आया जनता का फैसला, अध्यक्ष बनी रहेंगी नेहा अलकेश जैन

सागर जिले की देवरी नगर परिषद में जनता ने एक बार फिर अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन पर भरोसा जताया है। खाली कुर्सी-भरी कुर्सी के लिए हुए मतदान में नेहा जैन 1197 वोटों से विजयी हुई हैं। अब वे नगर परिषद की अध्यक्ष बनी रहेंगी।
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विधायक के खिलाफ आया जनता का फैसला, अध्यक्ष बनी रहेंगी नेहा अलकेश जैन
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सागर।  सागर जिले की नगरपालिका परिषद देवरी की अध्यक्ष श्रीमती नेहा अलकेश जैन को वापस बुलाने के संबंध में 19 जनवरी को हुए मतदान में कुल 13 हजार 367 मत पड़े थे। मतगणना 21 जनवरी को हुई, जिसमें 6085 मत वापस बुलाने के पक्ष में तथा 7282 मत वापस बुलाने के विरूद्ध थे। मतगणना परिणाम के अनुसार नेहा अलकेश जैन पूर्ववत अध्यक्ष बनी रहेंगी।

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    विधायक पटेरिया और 13 पार्षद थे विरोध में 

    इस चुनाव को खास बनाने वाली बात यह रही कि देवरी विधायक बृजबिहारी पटेरिया और नगर परिषद के 13 पार्षदों की राजनीतिक प्रतिष्ठा भी इस मुकाबले में दांव पर लगी हुई थी। विधायक और पार्षदों ने एकजुट होकर भरी कुर्सी के विरोध में प्रचार किया और मतदाताओं से खाली कुर्सी के पक्ष में मतदान करने की खुली अपील की थी। हालांकि, जनप्रतिनिधियों के इस अभियान के बावजूद मतदाताओं ने अलग रुख अपनाया। जनता ने नेहा जैन पर भरोसा जताते हुए उन्हें विजयी बना दिया और एक बार फिर भरी कुर्सी के पक्ष में फैसला सुनाया। इस नतीजे ने न केवल चुनावी रणनीतियों को झटका दिया, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि देवरी की जनता अपने निर्णय खुद लेती है। 

    देवरी में पहले भी हुआ ऐसा चुनाव

    देवरी नगर पालिका के चुनावी इतिहास में एक बार फिर “भरी कुर्सी बनाम खाली कुर्सी” की दिलचस्प लड़ाई देखने को मिली। यह दूसरी बार है जब नगर पालिका में इसी प्रतीकात्मक आधार पर चुनाव संपन्न हुआ है। इससे पहले वर्ष 2007 में भी ऐसा ही चुनाव हुआ था, जिसमें तत्कालीन अध्यक्ष अनिल जैन ने दोबारा जीत दर्ज की थी।वर्ष 2025 के चुनाव में भी जनता ने स्पष्ट रूप से भरी कुर्सी के समर्थन में अपना फैसला सुनाया।

    प्रदेश में 42 बार हुआ खाली कुर्सी- भरी कुर्सी का चुनाव

    सचिव राज्य निर्वाचन आयोग दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2000 में विधि संशोधन कर महापौर/अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने का प्रावधान किया गया था। इसके तहत वर्ष 2018 तक 41 निर्वाचन अध्यक्ष पद से वापस बुलाने के लिए हुए। इसमें से 21 अध्यक्ष पद पर यथावत रहे तथा 20 अध्यक्ष पद से मुक्त हुए। इसके बाद यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया था। वर्ष 2025 में विधि संशोधन कर पुन: अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने का प्रावधान किया गया। इस प्रावधान के तहत नगरपालिका परिषद देवरी में पहला चुनाव कराया गया।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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