मऊगंज:नीट की तैयारी कर रही छात्रा ने दी जान, परिवार बोला- पेपर लीक की खबर से टूट गई थी आकांक्षा

मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के मगनिया गांव की रहने वाली आकांक्षा चतुर्वेदी ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था और उसे पूरा करने के लिए नागपुर में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। परीक्षा देने के बाद वह काफी उत्साहित थी और परिवार को भरोसा दिला रही थी कि इस बार उसका चयन जरूर होगा। लेकिन पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद उसका मनोबल पूरी तरह टूट गया। जिसके बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पेपर लीक की खबर के बाद बदल गया व्यवहार
परिजनों के अनुसार, परीक्षा के बाद आकांक्षा काफी खुश थी लेकिन जैसे-जैसे पेपर लीक की चर्चाएं सामने आईं, वह तनाव में रहने लगी। उसने लोगों से मिलना-जुलना कम कर दिया और धीरे-धीरे खाना-पीना भी छोड़ दिया। परिवार को उम्मीद थी कि समय के साथ वह सामान्य हो जाएगी लेकिन मानसिक दबाव लगातार बढ़ता गया। बताया गया कि 20 मई 2026 को आकांक्षा ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
सुसाइड नोट में छलका दर्द
आत्महत्या से पहले आकांक्षा ने एक भावुक सुसाइड नोट भी छोड़ा। नोट में उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वह दोबारा परीक्षा देने का साहस नहीं जुटा पा रही है। उसने यह भी लिखा कि वह अपने माता-पिता के सपनों को पूरा नहीं कर सकी। परिजनों का कहना है कि यह पत्र उसकी मानसिक पीड़ा और टूट चुकी उम्मीदों की कहानी बयां करता है।
बेटी के सपने के लिए पिता ने लिया कर्ज
आकांक्षा के पिता कृष्ण कुमार चौबे किसान हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से करीब 3 लाख रुपए का कर्ज लिया था। इसके अलावा रिश्तेदारों से भी उधार लिया और कई आर्थिक मुश्किलों का सामना किया। परिवार के मुताबिक बेटी की पढ़ाई के लिए जमीन तक गिरवी रखनी पड़ी थी। पिता स्वयं स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे लेकिन उन्होंने कभी बेटी की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी।
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घटना के बाद सियासत भी गरमाई
छात्रा की मौत के बाद राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। विपक्षी नेताओं ने इस घटना को परीक्षा प्रणाली की खामियों और युवाओं पर बढ़ते मानसिक दबाव से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं।
परिवार को आर्थिक सहायता का आश्वासन
घटना के बाद कांग्रेस और एनएसयूआई के नेताओं ने परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की। बताया गया कि करीब 3.5 लाख रुपए की मदद दी गई है। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड के कर्ज को चुकाने में सहयोग का आश्वासन भी दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी परिवार से बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।












