National Herbs and Spices Day :स्वाद और सेहत का अनोखा उत्सव, जानिए रसोई के सुपरस्टार हर्ब्स और मसालों की ताकत

क्या आपने कभी सोचा है कि अगर खाने में हल्दी, धनिया, पुदीना, दालचीनी या इलायची न हो तो उसका स्वाद कैसा लगेगा? शायद खाना फीका और अधूरा सा लगे। यही वजह है कि हर साल 10 जून को नेशनल हर्ब्स एंड स्पाइसेस डे मनाया जाता है। यह दिन उन जड़ी-बूटियों (Herbs) और मसालों (Spices) को समर्पित है, जो न केवल हमारे खाने का स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि हमारी सेहत का भी ख्याल रखते हैं। छोटी-सी दिखने वाली ये चीजें हमारी रसोई की असली हीरो हैं। इसके अलावा, कई हर्ब्स की अच्छी बात यह है कि इन्हें आप अपने बगीचे या किचन की खिड़की पर ताजा उगा सकते हैं, हर्ब्स और मसाले हमारी जिंदगी को कई तरह से बेहतर बनाते हैं, तो आइए हम आपको इनके कुछ फायदों के बारे में बताते हैं।
आखिर क्यों खास है यह दिन?
नेशनल हर्ब्स एंड स्पाइसेस डे को आधिकारिक रूप से साल 2015 से मनाया जा रहा है। हालांकि इसका इतिहास इससे भी पुराना है। साल 1999 में इसे केवल ‘हर्ब डे’ के नाम से जाना जाता था। बाद में इसमें ‘नेशनल’ और ‘स्पाइसेस’ शब्द जोड़े गए और यह एक बड़ा उत्सव बन गया। आज दुनिया भर में लोग इस दिन जड़ी-बूटियों और मसालों के महत्व को समझते हैं और इनके फायदों के बारे में जागरूकता फैलाते हैं।
जब सम्राट भी थे हर्ब्स के दीवाने
इतिहास में भी हर्ब्स और मसालों की बड़ी अहमियत रही है। सम्राट शार्लमेन (742-814 ईस्वी) को जड़ी-बूटियों से इतना प्रेम था कि उन्होंने 74 प्रकार की हर्ब्स की सूची तैयार करवाई और उन्हें अपने बगीचों में उगाने का आदेश दिया।
उनका प्रसिद्ध कथन था-
- ‘जड़ी-बूटियां डॉक्टरों की दोस्त और रसोइयों की तारीफ का जरिया होती हैं।‘
- मध्य युग तक आते-आते जड़ी-बूटियां और मसाले भोजन के साथ-साथ औषधियों में भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने लगे।
हमारी रसोई के सुपरस्टार हर्ब्स
तुलसी
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार
सर्दी-खांसी में उपयोगी
घर के वातावरण को शुद्ध रखने में सहायक
पुदीना
पाचन को बेहतर बनाता है
गर्मियों में ठंडक पहुंचाता है
चटनी और पेय पदार्थों में खूब इस्तेमाल होता है
धनिया
खाने का स्वाद बढ़ाता है
विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
लगभग हर सब्जी की शान
करी पत्ता
बालों और त्वचा के लिए फायदेमंद
दक्षिण भारतीय व्यंजनों की पहचान
पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मददगार
रोजमेरी और थाइम
विदेशी व्यंजनों में लोकप्रिय
खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ाते हैं
कई हेल्थ बेनिफिट्स से भरपूर
मसाले जो स्वाद के साथ सेहत भी देते हैं
हल्दी
प्राकृतिक एंटीसेप्टिक
सूजन कम करने में मददगार
दालचीनी
ब्लड शुगर कंट्रोल करने में सहायक
मीठे और नमकीन दोनों व्यंजनों में उपयोगी
इलायची
मुंह की दुर्गंध दूर करती है
चाय और मिठाइयों की जान
काली मिर्च
पाचन में मदद करती है
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है
लौंग
दांत दर्द में राहत देने के लिए प्रसिद्ध
एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर
खुद का हर्ब गार्डन बनाएं
अपना खुद का हर्ब गार्डन शुरू करें, घर पर उगाई गई जड़ी-बूटियां आसानी से उग जाती हैं, सोचिए, सुबह-सुबह आप अपनी बालकनी या किचन की खिड़की से ताजा पुदीना या धनिया तोड़कर सीधे खाने में इस्तेमाल करें। इससे बेहतर और क्या हो सकता है।
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घर पर हर्ब्स उगाने के फायदे:
हमेशा ताजी जड़ी-बूटियां मिलती हैं।
केमिकल्स की चिंता कम हो जाती है।
घर हराभरा और सुंदर दिखता है।
पर्यावरण को भी फायदा पहुंचता है, सबसे अच्छी बात यह है कि तुलसी, पुदीना, धनिया और करी पत्ता जैसी कई हर्ब्स बहुत आसानी से उगाई जा सकती हैं।
हर्ब्स और मसाले- सेहत का खजाना हैं
आज की आधुनिक चिकित्सा पद्धति की जड़ें भी काफी हद तक जड़ी-बूटियों के उपयोग से जुड़ी हुई हैं। पुराने समय में कई बीमारियों का इलाज औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों से ही किया जाता था। विशेषज्ञों का मानना है कि सही मात्रा में इस्तेमाल किए गए मसाले और हर्ब्स कई तरह से फायदेमंद हो सकते हैं।
जैसे : पाचन बेहतर करते हैं।इम्यूनिटी मजबूत बनाते हैं।
शरीर को जरूरी एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं।
कई बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।
इस दिन को कैसे सेलिब्रेट करें?
अपने घर में एक छोटा हर्ब गार्डन शुरू करें।
किसी नए देश या राज्य के व्यंजन ट्राई करें।
हर्ब्स और मसालों के स्वास्थ्य लाभों के बारे में पढ़ें।
नई रेसिपी में अलग-अलग मसालों का प्रयोग करें।
हर्ब्स और मसाले सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने वाली चीजें नहीं हैं, बल्कि ये हमारी संस्कृति, इतिहास, स्वास्थ्य और जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके बिना न तो रसोई की कल्पना की जा सकती है और न ही स्वादिष्ट भोजन की। तो इस नेशनल हर्ब्स एंड स्पाइसेस डे पर अपने पसंदीदा मसालों और जड़ी-बूटियों को धन्यवाद कहिए और उनकी खुशबू व स्वाद का भरपूर आनंद लीजिए।











