CJP फाउंडर अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, ज्ञानेश कुमार पर बोले- भारत में नहीं हो सकता...’

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक इंटरव्यू में CJP आंदोलन, गिरफ्तारी, विरोध प्रदर्शन और सरकार की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी। उनसे पूछा गया कि क्या दिल्ली में नेपाल, बांग्लादेश या फ्रांस जैसे हालात पैदा करके दंगे कराए जा सकते हैं और सरकार बदलने की कोशिश हो सकती है? इस पर दीपके ने कहा कि भारत की ऐतिहासिक विरासत दूसरे देशों से अलग है। उन्होंने शांतिपूर्ण आंदोलन, महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का जिक्र किया।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर क्या बोले अभिजीत दीपके?
अभिजीत दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया था। उनके मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान छात्रों की ओर से हिंसा नहीं की गई, बल्कि पुलिस ने उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की। उन्होंने दावा किया कि छात्र अपनी मांगों को सामने रखने के लिए मीम्स बना रहे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा सरकार की आलोचना कर रहे थे। दीपके ने कहा कि भारत में विरोध जताने का तरीका दूसरे देशों से अलग रहा है। उनके अनुसार, यहां के लोगों ने बचपन से महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को पढ़ा है। इसी वजह से देश में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की परंपरा महत्वपूर्ण है।
‘भारत की विरासत दूसरे देशों से अलग’
नेपाल, बांग्लादेश और फ्रांस जैसे देशों में हुए आंदोलनों का जिक्र करते हुए दीपके ने कहा कि भारत की विरासत अलग है। उन्होंने कहा कि देश का स्वतंत्रता आंदोलन भी काफी हद तक अहिंसा और शांतिपूर्ण विरोध के विचार पर आधारित था। उनके मुताबिक, भारत ने आजादी के लिए शांतिपूर्ण आंदोलनों का रास्ता अपनाया था। इसलिए भारत की तुलना दूसरे देशों में हुए हिंसक प्रदर्शनों से करना सही नहीं है। उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि देश में अपनी मांगों को उठाने और सरकार की आलोचना करने का अधिकार लोगों के पास है।
सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब ये दोनों जेल में थे, तब वह सोचते थे कि उन्हें भी जेल में बंद कर दिया जाए। दीपके ने आरोप लगाया कि तिरंगा लहराने के लिए दोनों को सात दिन तक जेल में रखा गया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर तिरंगा लहराने के अलावा उनकी क्या गलती थी। दीपके के इस बयान के जरिए उन्होंने विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों के साथ हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए। हालांकि, इस मामले में उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
ये भी पढ़ें: दिल्ली में 31 अक्टूबर तक तैनात रहेंगी CAPF की 273 कंपनियां, गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला
अपनी गिरफ्तारी को लेकर क्या बोले CJP फाउंडर?
अभिजीत दीपके ने अपनी गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्हें बीच रास्ते से हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें सीधे फ्लाइट से उतारकर गिरफ्तार किया गया। दीपके के मुताबिक, इससे पहले उन्होंने ऐसा मामला नहीं देखा था, जिसमें किसी व्यक्ति को इस तरह फ्लाइट से उठाया गया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने यह कार्रवाई मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए की। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार सरकार के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं कि उनके मामले में ऐसी कार्रवाई की गई। दीपके ने अपने बयान में सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए, लेकिन इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण इस इंटरव्यू के विवरण में नहीं दिया गया है।
CJP आंदोलन और सरकार के खिलाफ विरोध पर बहस
अभिजीत दीपके ने CJP आंदोलन के उद्देश्य, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सरकार की कार्रवाई से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समझना जरूरी है। उनके बयान में मुख्य रूप से तीन मुद्दे सामने आए, जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन, सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी तथा अपनी गिरफ्तारी को लेकर लगाए गए आरोप। दीपके ने इन घटनाओं के आधार पर सरकार और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए।




















