MP Weather:31 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश। जुलाई की शुरुआत के साथ ही मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले छह दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में औसत बारिश अब करीब 7 इंच तक पहुंच चुकी है, जो सामान्य से केवल 1 प्रतिशत कम है। आने वाले दिनों में भी कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इसी को देखते हुए कई जिलों में भारी और अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
लगातार बारिश से बदला मौसम का मिजाज
प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इसका असर अब साफ दिखाई देने लगा है। जून में जहां बारिश सामान्य से काफी कम रही थी, वहीं जुलाई में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश से खेतों, तालाबों और नदियों में पानी बढ़ा है। मौसम विभाग का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो जल्द ही बारिश का आंकड़ा सामान्य से भी आगे निकल सकता है।
31 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए 31 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर और छतरपुर में अति भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, जबलपुर, कटनी, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, धार, झाबुआ, बड़वानी और कई अन्य जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश
भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में इस बार मानसून सबसे ज्यादा सक्रिय नजर आ रहा है। इन इलाकों के कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। देवास सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला बनकर सामने आया है, जहां अब तक 15 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। इंदौर और भोपाल में भी अच्छी बारिश होने से मौसम सुहावना बना हुआ है।
बारिश से तापमान में आई राहत
लगातार बारिश का असर तापमान पर भी देखने को मिला है। प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। मलाजखंड सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन सहित कई बड़े शहरों में लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
जुलाई में पूरी हो सकती है बारिश की कमी
मौसम विभाग का कहना है कि जून में बारिश कम होने के कारण प्रदेश में वर्षा का आंकड़ा पीछे चल रहा था, लेकिन जुलाई में स्थिति तेजी से बदल रही है। सामान्य तौर पर प्रदेश की कुल सालाना बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जुलाई में ही होता है। इसी वजह से इस महीने अच्छी बारिश होने पर पूरे मानसून का संतुलन बेहतर हो सकता है।
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अगले चार दिन भी जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहेगी। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ Heavy Rainfall होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों से दूर रहें और बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। साथ ही मौसम विभाग की जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।











