देश की बड़ी आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (टीसीएस) की नासिक यूनिट इन दिनों गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। यहां काम करने वाली आठ महिला कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन शिकायतों के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह टीम सभी आरोपों की बारीकी से जांच कर रही है। पीड़ित कर्मचारियों का कहना है कि उनके साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न हुआ, लेकिन जब उन्होंने एचआर विभाग से शिकायत की, तो उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।
इस केस में आरोपी 25 वर्षीय निदा खान फिलहाल मुंबई में बताई जा रही हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार, निदा खान ने नासिक की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी है। उन्होंने अपनी खराब स्वास्थ्य स्थिति और प्रेग्नेंसी को जमानत का आधार बताया है।
शुरुआत में निदा खान को एचआर कर्मचारी बताया जा रहा था, लेकिन बाद में साफ हुआ कि वह एचआर नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग एसोसिएट के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 2021 में टीसीएस की बीपीओ यूनिट में जॉइन किया था।
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निदा खान के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी निर्दोष है और उसे इस मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है। परिवार के मुताबिक, इस घटना से वे सदमे में हैं और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
निदा खान के वकील का कहना है कि उनके मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं। उन्होंने बताया कि निदा के माता-पिता इस मामले से बेहद परेशान हैं और उनका मानना है कि उनकी बेटी ने कोई गलत काम नहीं किया है।
पुलिस ने इस मामले में टीसीएस की एक महिला एचआर मैनेजर सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एचआर मैनेजर ने पीड़ित कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। अन्य आरोपियों में दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और निदा खान शामिल हैं।
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कंपनी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह किसी भी तरह के उत्पीड़न और जबरदस्ती के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाती है। टीसीएस ने यह भी पुष्टि की है कि आरोपों में शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और सभी आरोपों की सच्चाई सामने आने का इंतजार है। अदालत में निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई भी इस केस का अहम मोड़ साबित हो सकती है।