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बारिश, लोकल ट्रेन और बहस...मुंबई में युवक की हत्या मामले में आरोपी गिरफ्तार; परिवार बोला- फांसी हो, जानें कौन है 'बारकोड मेकर' रोशन

मुंबई लोकल ट्रेन में दरवाजा बंद करने को लेकर हुए विवाद में 22 वर्षीय मयंक लोहार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। रेलवे पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी रोशन सुवर्णा को गिरफ्तार कर लिया। परिवार आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहा है। जानिए पूरी घटना, आरोपी की पहचान और पुलिस जांच से जुड़े सभी अपडेट।
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मुंबई में युवक की हत्या मामले में आरोपी गिरफ्तार; परिवार बोला- फांसी हो, जानें कौन है 'बारकोड मेकर' रोशन
मृतक मयंक लोहार (बायीं ओर) और आरोपी रोशन सुवर्णा।

मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में एक मामूली बहस ने ऐसा खौफनाक मोड़ लिया कि 22 साल के युवक की जान चली गई। मानसून की पहली तेज बारिश के बीच ट्रेन का दरवाजा खुला रखा जाए या बंद, इसी बात पर शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में खूनी हत्याकांड में बदल गया। इस मामले में रेलवे पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मृतक मयंक लोहार के परिवार ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

घटना मंगलवार रात करीब 10:50 बजे चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास कोच में हुई। ट्रेन अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच थी। बाहर तेज बारिश हो रही थी और बारिश का पानी डिब्बे के अंदर आ रहा था। इसी दौरान यात्रियों के बीच ट्रेन का दरवाजा खुला रखने या बंद करने को लेकर बहस शुरू हुई।

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, 22 वर्षीय मयंक लोहार ने बारिश का हवाला देते हुए दरवाजा बंद रखने की बात कही थी, जबकि आरोपी दरवाजा खुला रखना चाहता था। देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला हिंसक हो गया।

बहस से मर्डर तक पहुंची बात

पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान आरोपी ने अपने पास मौजूद धारदार हथियार निकाला और मयंक पर हमला कर दिया। उसके सीने और पेट पर कई वार किए गए। हमले के बाद मयंक गंभीर रूप से घायल होकर ट्रेन के डिब्बे में ही गिर पड़ा।

घटना के बाद डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई। वहीं आरोपी मौके का फायदा उठाकर बोरीवली स्टेशन पहुंचने से पहले ही चलती ट्रेन से उतरकर फरार हो गया।

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अस्पताल में हुई मौत

रात करीब 11 बजे ट्रेन बोरीवली स्टेशन पहुंची। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। मयंक को पहले स्टेशन के मेडिकल रूम में ले जाया गया, फिर उसे कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल भेजा गया। हालांकि डॉक्टर उसे बचा नहीं सके और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

कौन था मयंक लोहार?

मयंक लोहार विरार का रहने वाला था। उसने फाइनेंस और मार्केटिंग की पढ़ाई पूरी की थी और पिछले करीब नौ महीनों से अंधेरी स्थित वेस्टसाइड कंपनी में काम कर रहा था। रोजाना की तरह वह उस रात भी काम खत्म कर लोकल ट्रेन से घर लौट रहा था।

परिवार के अनुसार मयंक शांत स्वभाव का था और किसी विवाद में नहीं पड़ता था। उसकी मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।

कौन है 'बारकोड मेकर' रोशन?

गिरफ्तार आरोपी रोशन सुवर्णा की उम्र करीब 30 साल बताई जा रही है। वह ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके का निवासी है। रेलवे पुलिस के अनुसार, रोशन मुंबई एयरपोर्ट के कार्गो सेक्शन से जुड़ा हुआ था और बारकोड तैयार करने का काम करता था। इसी वजह से उसे 'बारकोड मेकर' कहा जा रहा है। वारदात के बाद वह फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया।

7 टीमों ने ऐसे पकड़ा आरोपी

घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त रूप से सात विशेष जांच टीमें बनाई थीं। जांच टीमों ने बोरीवली, अंधेरी, मीरा रोड, नालासोपारा समेत कई स्टेशनों और आसपास के इलाकों में लगे 400 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस को आरोपी का सुराग मिला। इसके बाद उसे नवी मुंबई के पनवेल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।

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मयंक के परिजन बोले- हमें इंसाफ नहीं, फांसी चाहिए

मयंक की मौत के बाद परिवार में गहरा आक्रोश है। उसकी बहन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, उनके परिवार का सब कुछ खत्म हो गया है और आरोपी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। परिवार का कहना है कि, एक मामूली विवाद में किसी की जान ले लेना बेहद गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त सजा ही दूसरों के लिए सबक बन सकती है।

वायरल वीडियो के बाद उठे सुरक्षा पर सवाल

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। मुंबई लोकल ट्रेनों में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। ऐसे में किसी यात्री का ट्रेन में धारदार हथियार लेकर चढ़ जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यात्रियों का कहना है कि, रेलवे प्रशासन को सुरक्षा जांच और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

चार महीने में दूसरी बड़ी वारदात

यह पहली बार नहीं है जब मुंबई लोकल ट्रेन में मामूली विवाद ने जानलेवा रूप लिया हो। कुछ महीने पहले भी बोरीवली के पास ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होने को लेकर हुए विवाद में एक यात्री की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने लोकल ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।

एक नजर में मामला

बिंदु

जानकारी

मृतक

मयंक लोहार (22 वर्ष)

आरोपी

रोशन सुवर्णा

घटना स्थल

चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल

विवाद का कारण

ट्रेन का दरवाजा खुला या बंद रखना

घटना का समय

रात करीब 10:50 बजे

गिरफ्तारी

24 घंटे के भीतर

जांच एजेंसी

रेलवे पुलिस और क्राइम ब्रांच

परिवार की मांग

आरोपी को फांसी की सजा

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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