भोपाल:एमआरपी से 10 रुपये ज्यादा लेना पड़ा भारी, आयोग ने दुकानदार पर ठोका 15 हजार से ज्यादा का जुर्माना

खरीदारी करते समय अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि दुकानदार सही कीमत ही ले रहा होगा, लेकिन कई बार यही भरोसा भारी पड़ सकता है। ऐसा ही एक मामला राजधानी भोपाल के शाहपुरा इलाके से सामने आया, जहां एक दुकानदार को एमआरपी से 10 रुपये ज्यादा वसूलना महंगा पड़ गया। मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा और फैसला ग्राहक के पक्ष में आया।
एमआरपी से 10 रुपये ज्यादा लेना पड़ा भारी, आयोग ने दुकानदार पर ठोका 15 हजार से ज्यादा का जुर्माना
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    यह घटना उपभोक्ताओं के लिए एक सीख है कि खरीदारी के समय बिल और एमआरपी जरूर जांचें। वहीं दुकानदारों के लिए भी यह चेतावनी है कि छोटी सी लापरवाही भी भारी जुर्माने का कारण बन सकती है।

    घी का पाउच 675 की जगह 685 का दिया 

    शाहपुरा निवासी उपभोक्ता अनिल कुशवाह ने एक दुकान से घी का पाउच खरीदा। घर पहुंचकर जब उन्होंने पैकेट पर छपी कीमत देखी, तो पता चला कि एमआरपी 675 रुपये थी, जबकि उनसे 685 रुपये वसूले गए। उन्होंने तुरंत दुकान पर शिकायत की, लेकिन दुकानदार ने अपनी गलती मानने के बजाय कहा कि यही नया रेट है। इसके बाद उपभोक्ता ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।

    ये भी पढ़ें: नवजोत सिंह सिद्धू का चौंकाने वाला फैसला: जीते जी संपत्ति का बंटवारा, बच्चों में बांटी करोड़ों की प्रॉपर्टी

    आयोग ने माना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन

    मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने साफ कहा कि एमआरपी से ज्यादा कीमत वसूलना नियमों के खिलाफ है और यह उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। आयोग ने दुकानदार को आदेश दिया कि वह अतिरिक्त 10 रुपये के साथ ब्याज सहित कुल 28 रुपये वापस करे। साथ ही ग्राहक को हुई मानसिक परेशानी के लिए 10 हजार रुपये मुआवजा और 5 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में देने के निर्देश दिए। इस तरह कुल मिलाकर दुकानदार को 15 हजार 028 रुपये चुकाने पड़े।

    ये भी पढ़ें: High Court News : मुक्ति वाहन योजना को अमल में लाने सरकार कर रही विचार

    जागरूकता से मिला न्याय

    यह मामला इस बात का उदाहरण है कि अगर ग्राहक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो, तो छोटी सी रकम का मामला भी न्याय दिला सकता है। उपभोक्ता की सतर्कता और कानूनी कार्रवाई के चलते न सिर्फ उसे न्याय मिला, बल्कि यह संदेश भी गया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को सजा मिल सकती है।

    Rohit Sharma
    By Rohit Sharma

    पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

    Latest Posts