High Court News : मुक्ति वाहन योजना को अमल में लाने सरकार कर रही विचार

मुक्ति वाहन योजना को लेकर लगी जनहित याचिका पर मंगलवार को मप्र हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सरकार ने कहा कि सरकार मुक्ति वाहन योजना को अमल में लाने पर विचार कर रही है।
Follow on Google News
मुक्ति वाहन योजना को अमल में लाने सरकार कर रही विचार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जबलपुर। मृतकों के सम्मानजनक परिवहन के लिए नेशनल हेल्थ मिशन की मुक्ति वाहन योजना को शुरू करने के मुद्दे पर प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में कहा है कि इस योजना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।  इस बयान के मद्देनजर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने  सरकार को जवाब पेश करने मोहलत देकर सुनवाई मुल्तवी कर दी। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी। 

    कोई हेल्पलाइन नंबर नहीं

    भोपाल के रशीद नूर खान की ओर से दायर इस जनहित याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा योजना के तहत 148 नि:शुल्क शव वाहन उपलब्ध कराए जाने के बावजूद, कोई भी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर न होने से यह योजना आम जनता के लिए व्यवहारिक रूप से अनुपयोगी बन गई है। याचिकाकर्ता के अनुसार यह योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा शुरू की गई, जिसके तहत सरकारी अस्पतालों से मृतक के पार्थिव शरीर को उनके निवास तक नि:शुल्क पहुंचाने का प्रावधान किया गया है।

    कई राज्यों में हो चुकी है पहल

    योजना के लिए टोल-फ्री नंबर न होने से नागरिकों को यह पता ही नहीं चल पा रहा कि शव वाहन कैसे और कहां से बुक किया जाए। इस कारण शोकाकुल परिजनों को अमानवीय और अपमानजनक तरीकों से शव ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि  तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में नि:शुल्क शव वाहनों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन पहले से शुरू हो गई, लेकिन मध्य प्रदेश में नतीजा सिफर है। इस मामले पर बीते 5 फरवरी को हाईकोर्ट ने सरकार व अन्य को नोटिस जारी किए थे।

    ब्योरा पेश करने के लिए चार हफ्ते की मोहलत

    मामले पर मंगलवार को आगे हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आर्यन उरमलिया हाजिर हुए। राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनुभव जैन ने अदालत को बताया कि योजना को अमल में लाने गंभीरतापूर्वक विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले पर विस्तृत ब्योरा पेश करने उन्हें मोहलत दी जाए। इस पर अदालत ने चार सप्ताह का समय देकर सुनवाई मुल्तवी कर दी। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts