भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर ठंड का असर महसूस हो रहा है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट और सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। फिलहाल अगले 4-5 दिन तक शीतलहर का अलर्ट जारी नहीं है, लेकिन न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे कमी का अनुमान है।
भोपाल में बीते 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान 8.6°C रिकॉर्ड किया गया। इसके साथ ही इंदौर और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान में 2.5 से 3°C तक की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में भी अधिकांश जिलों में 1.5 से 2.3°C तक की गिरावट देखने को मिली।
मध्य प्रदेश में सबसे कम तापमान छतरपुर के नौगांव में रिकॉर्ड किया गया, जहां रात का पारा 6.1°C तक गिरा। इसके बाद हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 6.4°C, कल्याणपुर (शहडोल) 7.1°C और अमरकंटक/उमरिया में 7.6°C रहा।
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शहर |
न्यूनतम तापमान (°C) |
अधिकतम तापमान (°C) |
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नौगांव (छतरपुर) |
6.1 |
23.5 |
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पचमढ़ी (नर्मदापुरम) |
6.4 |
24.8 |
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कल्याणपुर (शहडोल) |
7.1 |
25.0 |
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अमरकंटक / उमरिया |
7.6 |
26.1 |
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रीवा |
7.8 |
26.5 |
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भोपाल |
8.6 |
25.6 |
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ग्वालियर |
10.5 |
26.6 |
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इंदौर |
10.4 |
27.0 |
|
जबलपुर |
10.2 |
27.5 |
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उज्जैन |
14.0 |
29.0 |
|
खरगोन |
12.8 |
31.0 |
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धार |
13.4 |
28.4 |
|
रतलाम |
15.0 |
28.2 |
|
शिवपुरी |
10.0 |
25.0 |
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श्योपुर |
13.4 |
25.4 |
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गुना |
11.2 |
27.9 |
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नर्मदापुरम |
13.4 |
28.4 |
|
खंडवा |
10.4 |
30.5 |
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रायसेन |
--- |
25.4 |
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शाजापुर |
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राजगढ़ |
9.0 |
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दतिया |
10.2 |
25.8 |
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बैतूल |
9.7 |
25.0 |
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, वर्तमान समय में प्रदेश में दक्षिणी और अन्य हवाओं का असर बना हुआ है, जिसके कारण तापमान में हल्का उछाल देखा गया। फिलहाल प्रदेश में शीतलहर का कोई अलर्ट नहीं है। इसके अलावा, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर सिस्टम सक्रिय है और मलक्का क्षेत्र में चक्रवर्ती तूफान ‘सैंयार’ देखा जा रहा है। ये सिस्टम अगले 24 घंटे में डिप्रेशन में बदल सकता है।
स्वास्थ्य: ठंड के समय सिर, गर्दन, हाथ-पैर को ढकें। फ्लू या सर्दी-जुकाम होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
सड़क सुरक्षा: कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और गति नियंत्रित रखें।
कृषि: जहां मिट्टी में नमी पर्याप्त हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। बुआई हो चुकी फसल पर आवश्यकता पड़ने पर कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।
मध्य प्रदेश के मौसम में यह बदलाव लोगों के लिए सावधानी और तैयारी की जरूरत बढ़ा देता है। खासकर भोपाल और ठंडे पहाड़ी इलाकों में रहने वालों को तापमान और कोहरे के अनुसार अपने दिनचर्या में बदलाव करना चाहिए।