राजीव सोनी, भोपाल। मध्यप्रदेश में 22 साल से बंद पड़ी राज्य परिवहन की बसें अगले महीने से फिर सड़कों में दौड़ेंने लगेंगीं। निजी ऑपरेटर्स ने अपने नुकसान को लेकर आपत्तियां जताई है। प्रदेश के सभी ग्रामीण और शहरी मार्गों का सर्वे के बाद परिवहन कंपनियों से सरकार की चर्चा अंतिम दौर में है।
अप्रैल अंत तक इंदौर-उज्जैन संभाग से जुड़े मार्गों पर सस्ते किराए के साथ सरकारी बसें शुरू की तैयारी है। बसों की मॉनिटरिंग लागू करने लाइव ट्रैकिंग और एआई सिस्टम के लिए संभागीय स्तर पर समानांतर फुलप्रूफ व्यवस्थाएं की जा रही हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सभी स्तर पर बातचीत हो चुकी है और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। बसों के संचालन को लेकर निजी बस ऑपरेटर्स ने विभाग के सामने अपनी आशंकाएं और समस्याएं भी रखीं हैं। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर सभी रूट पर ये बसें संचालित की जाएंगी।
दो दशक बाद शुरू होने वाली सरकारी बसों का संचालन पब्लिक की सुविधा बढ़ाने के साथ आर्थिक रूप से भी फायदे में रहे इसके लिए पहले प्रमुख जिलों का चयन किया गया है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और रीवा शामिल हैं। इन संभागों से जुड़े जिले भी साथ-साथ जुड़ते जाएंगे। चयनित मार्गों पर ट्रेफिक यात्रियों का दबाव और बसों की संख्या आदि का सर्वे हो चुका है।
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पिछले साल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकारी बस परिवहन सेवा अप्रैल 2026 से शुरू करने का ऐलान किया था। इसलिए विभागीय अधिकारी पूरी ताकत से तैयारी में जुटे हैं। सूत्रों का कहना है कि राज्य परिवहन की बसें संचालन के लिए कंपनी का पंजीयन पहले ही हो चुका है। राज्य स्तरीय इस कंपनी के अध्यक्ष मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री व मुख्य सचिव उपाध्यक्ष रहेंगे।
परिवहन विभाग और नव गठित यात्री परिवहन कंपनी का सारा फोकस इस बात पर है कि बस संचालन में किसी भी तरह की गड़बड़ी लूपहोल न रहे। क्योंकि अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के चलते 22 साल पहले राज्य परिवहन निगम की बसें बंद हो गई थीं।
जवाब : हमारा प्रयास है कि अप्रैल अंत तक बसें फिर से सफलतापूर्वक शुरू हो जाएं।
जवाब : प्रदेश में कहां कितनी बसें चलेंगीं, हमने सभी मार्गों का सर्वे करा लिया है।
जवाब : हम पुख्ता कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर इंदौर-उज्जैन में तय समय पर शुरू करने का प्रयास है।
जवाब : देखिए, यह मुख्यमंत्री का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, रूट सर्वे से लेकर स्टाफ और एजेंसी आदि की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली है। निजी बस ऑपरेटर्स से भी चर्चा कर ली है।