इंदौर में हाल ही में सामने आई आगजनी की एक घटना ने डिजिटल डोर लॉक की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आमतौर पर सुरक्षित और आधुनिक माने जाने वाले ये लॉक इमरजेंसी में कितने भरोसेमंद हैं, यह सवाल अब लोगों के मन में उठने लगा है। खासकर तब, जब आग लगने जैसी स्थिति में ये सिस्टम ही काम करना बंद कर दें और लोग घर के अंदर फंस जाएं।
बंगाली चौराहे के पास एक घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते आग फैल गई और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान बिजली सप्लाई बंद हो गई, जिससे घर में लगा डिजिटल डोर लॉक जाम हो गया। घर के अंदर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया और हालात बेहद गंभीर बन गए।
यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां आग और पावर फेलियर के कारण डिजिटल लॉक ने काम करना बंद कर दिया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह सोचने पर मजबूर कर रही हैं कि क्या हम सुविधा के चक्कर में कहीं अपनी सुरक्षा से समझौता तो नहीं कर रहे।
डिजिटल डोर लॉक को लेकर लोगों में तेजी से क्रेज बढ़ा है। बिना चाबी के काम करना, मोबाइल से कंट्रोल, और एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स जैसे एंटी-टैम्पर अलार्म और ऑटो-लॉक इन्हें आकर्षक बनाते हैं। इसके अलावा, चाबी चोरी या डुप्लीकेट होने का खतरा भी काफी कम हो जाता है और हर एंट्री का रिकॉर्ड भी मिलता रहता है।
तकनीक जितनी एडवांस होती है, उतनी ही उसकी सीमाएं भी होती हैं। डिजिटल लॉक पूरी तरह बिजली या बैटरी पर निर्भर होते हैं। ऐसे में अगर अचानक पावर फेल हो जाए, शॉर्ट सर्किट हो या आग लग जाए, तो ये सिस्टम फेल हो सकते हैं। कई मामलों में हीट या स्मोक की वजह से इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम जाम हो जाते हैं, जिससे दरवाजा खुलना मुश्किल हो जाता है।
सुरक्षा विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि डिजिटल लॉक के साथ बैकअप सिस्टम जरूर होना चाहिए। जैसे मैनुअल ओवरराइड की-ऑप्शन, इमरजेंसी बैटरी बैकअप या डुअल लॉक सिस्टम। इसके अलावा, घर में स्मोक डिटेक्टर और फायर एक्सटिंग्विशर जैसी बेसिक सुरक्षा व्यवस्था भी जरूरी है।
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इंदौर की इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि सिर्फ स्मार्ट टेक्नोलॉजी पर भरोसा करना काफी नहीं है। किसी भी आपात स्थिति में बाहर निकलने का वैकल्पिक रास्ता और प्लान-बी तैयार रखना जरूरी है। डिजिटल लॉक सुविधा जरूर देते हैं लेकिन उन्हें इस्तेमाल करते समय सुरक्षा के हर पहलू को समझना और जरूरी सावधानियां बरतना भी उतना ही जरूरी है।