आ गया तीसरा तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ :युद्ध के बीच UAE से पहुंचा भारत, मुंद्रा पोर्ट पर उतरेगा 80,800 टन क्रूड ऑयल

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ करीब 80,800 मीट्रिक टन मुरबन कच्चा तेल लेकर सुरक्षित गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया। इससे पहले ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जहाज भी भारत आए थे। यह शिपमेंट भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तेल आपूर्ति को मजबूत करने में अहम माना जा रहा है।
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युद्ध के बीच UAE से पहुंचा भारत, मुंद्रा पोर्ट पर उतरेगा 80,800 टन क्रूड ऑयल
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अहमदाबाद। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ करीब 80,800 मीट्रिक टन मुरबन कच्चा तेल लेकर सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। यह टैंकर बुधवार सुबह लगभग 10:30 बजे मुंद्रा पोर्ट के बाहरी समुद्री क्षेत्र में स्थित SPM (Single Point Mooring) पर पहुंचा, जहां से बड़े जहाजों को किनारे लगाए बिना ही तेल उतारने की प्रक्रिया की जाती है।

    ‘जग लाडकी’ के सुरक्षित पहुंचने के साथ ही भारत को पश्चिम एशिया क्षेत्र से आने वाली ऊर्जा आपूर्ति में बड़ी राहत मिली है। इससे पहले भारतीय झंडे वाले दो अन्य टैंकर ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ भी भारत पहुंच चुके हैं।

    SPM पर शुरू हुई तेल उतारने की प्रक्रिया

    मुंद्रा पोर्ट के बाहरी समुद्री क्षेत्र में पहुंचने के बाद टैंकर को SPM से जोड़ा गया। यह समुद्र के बीच स्थित एक विशेष प्रणाली होती है, जिसके जरिए बड़े जहाजों से सीधे पाइपलाइन के माध्यम से तेल उतारा जाता है। टैंकर के निर्धारित स्थान पर पहुंचते ही वहां मौजूद तकनीकी टीमों ने सभी सुरक्षा जांच और प्रोटोकॉल पूरे किए। इसके बाद मिड-सी ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जिसके तहत जहाज से कच्चे तेल को पाइपलाइन के माध्यम से रिफाइनरियों तक भेजा जाएगा।

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    कितना तेल लेकर आया ‘जग लाडकी’?

    सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, यह टैंकर लगभग 80,800 से 80,886 मीट्रिक टन मुरबन कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचा है। यह तेल संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह से लोड किया गया था।

    जहाज की मुख्य विशेषताएं

    विवरण

    जानकारी

    जहाज का नाम

    जग लाडकी

    प्रकार

    क्रूड ऑयल टैंकर

    तेल की मात्रा

    लगभग 80,800 MT

    जहाज की लंबाई

    274.19 मीटर

    जहाज की चौड़ाई

    50.04 मीटर

    डेडवेट टन भार

    164,716 टन

    ग्रॉस टन भार

    84,735 टन

    यह विशाल टैंकर भारत की प्रमुख रिफाइनरियों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

    फुजैराह पोर्ट पर हमले के बीच रवाना हुआ था जहाज

    सरकारी सूत्रों के अनुसार, 14 मार्च 2026 को जब यह जहाज फुजैराह पोर्ट पर कच्चा तेल लोड कर रहा था, उसी समय वहां स्थित ऑयल टर्मिनल पर हमला हुआ था। इस हमले के कारण कुछ समय के लिए तेल लोडिंग ऑपरेशन प्रभावित हुए थे, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य होने पर जहाज को सुरक्षित रूप से रवाना किया गया। हमले के बावजूद टैंकर बिना किसी नुकसान के भारत की ओर रवाना हुआ और सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा पूरी की।

    पश्चिम एशिया तनाव के बीच तीसरा भारतीय जहाज

    ‘जग लाडकी’ पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात के बीच भारत पहुंचने वाला तीसरा भारतीय जहाज है। इससे पहले दो भारतीय LPG टैंकर भी भारत पहुंच चुके हैं।

    भारत पहुंचने वाले भारतीय टैंकर

    जहाज का नाम

    कार्गो

    आगमन स्थान

    शिवालिक

    LPG

    मुंद्रा पोर्ट

    नंदा देवी

    LPG

    कांडला पोर्ट

    जग लाडकी

    क्रूड ऑयल

    मुंद्रा पोर्ट

    इन दोनों एलपीजी टैंकरों ने मिलकर करीब 92,712 मीट्रिक टन LPG भारत पहुंचाई थी।

    होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र

    पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) इस समय वैश्विक समुद्री व्यापार का सबसे संवेदनशील इलाका बन गया है। खबरों के अनुसार, इस क्षेत्र में कई जहाज फंसे हुए हैं और कुछ मार्गों पर सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं।

    शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट में अभी भी 22 भारतीय जहाज मौजूद हैं। इनमें 6 एलपीजी टैंकर शामिल हैं। इन टैंकरों पर 3 लाख टन से ज्यादा LPG लदा है। इसके अलावा इस क्षेत्र में 1 LNG टैंकर, 4 क्रूड ऑयल टैंकर, 3 कंटेनर जहाज और 2 बल्क कैरियर भी मौजूद हैं।

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    भारतीय नौसेना की सुरक्षा में यात्रा

    भारत सरकार ने अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेशन संकल्प के तहत इस क्षेत्र में नौसेना की मौजूदगी बढ़ाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत ने ओमान की खाड़ी से ‘जग लाडकी’ को सुरक्षित रास्ता देने में मदद की। इसके चलते जहाज बिना किसी खतरे के भारत पहुंच सका।

    होर्मुज से नहीं गुजरा ‘जग लाडकी’

    दिलचस्प बात यह है कि ‘जग लाडकी’ को होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर नहीं गुजरना पड़ा। दरअसल, फुजैराह पोर्ट ओमान की खाड़ी में स्थित है, जो होर्मुज स्ट्रेट से पहले आता है। इस वजह से जहाज ने उस संवेदनशील समुद्री मार्ग से बचते हुए भारत की यात्रा पूरी की।

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    ‘जग लाडकी’ नाम का क्या मतलब है?

    ‘जग लाडकी’ नाम का एक विशेष सांस्कृतिक महत्व भी है। इसका अर्थ ‘दुनिया की लाड़ली बेटी’ होता है । यह एक भारतीय क्रूड ऑयल टैंकर है। इसका निर्माण 2010 में हुआ था। यह जहाज ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी लिमिटेड का है, जो भारत की प्रमुख शिपिंग कंपनियों में से एक मानी जाती है।

    भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम

    भारत दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा आयातकों में से एक है और उसकी बड़ी मात्रा में तेल आपूर्ति पश्चिम एशिया से आती है। ऐसे में क्षेत्रीय तनाव के बावजूद इन जहाजों का सुरक्षित पहुंचना भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि, ऐसे शिपमेंट भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हैं। रिफाइनरियों को लगातार कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित होती है। तेल बाजार में आपूर्ति बाधित होने का खतरा कम होता है।

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    अदाणी पोर्ट्स की अहम भूमिका

    गुजरात का मुंद्रा पोर्ट भारत के सबसे बड़े निजी बंदरगाहों में से एक है। यहां पर अत्याधुनिक SPM सिस्टम और तेल टर्मिनल मौजूद हैं, जिनकी मदद से बड़े टैंकरों से आसानी से तेल उतारा जा सकता है। मुंद्रा पोर्ट भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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