MP Weather Update :रतलाम में पारा 40°C, कई जिलों में लू का अलर्ट; 14-15 मार्च को बारिश की संभावना

भोपाल। मध्य प्रदेश में इस साल मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आमतौर पर तेज गर्मी मार्च के दूसरे पखवाड़े में महसूस होती है, लेकिन इस बार मौसम का ट्रेंड बदल गया है। बुधवार (11 मार्च 2026) को प्रदेश के रतलाम में तापमान 40°C दर्ज किया गया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे अधिक तापमान है। इसके साथ ही रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर बन गया।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी पारा 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि, राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली सूखी और गर्म हवाओं की वजह से प्रदेश में गर्मी तेजी से बढ़ रही है।
कई जिलों में हीट वेव का अलर्ट
इस गर्मी के दौर के बीच मौसम विभाग ने कुछ जिलों में हीट वेव यानी लू का अलर्ट भी जारी किया है। गुरुवार और शुक्रवार को रतलाम, धार और नर्मदापुरम में लू चलने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि, मार्च के महीने में आमतौर पर लू नहीं चलती, लेकिन इस बार तापमान तेजी से बढ़ने के कारण शुरुआती संकेत देखने को मिल रहे हैं।
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बड़े शहरों में कितना रहा तापमान?
प्रदेश के कई शहरों में तापमान सामान्य से 4 से 7 डिग्री तक अधिक दर्ज किया गया।
प्रमुख शहरों का तापमान
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शहर |
अधिकतम तापमान |
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रतलाम |
40.0°C |
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नर्मदापुरम |
39.9°C |
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धार |
39.4°C |
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इंदौर |
38.0°C |
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टीकमगढ़ |
38.4°C |
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खजुराहो |
38.2°C |
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गुना |
38.1°C |
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ग्वालियर |
37.7°C |
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उज्जैन |
37.7°C |
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भोपाल |
36.4°C |
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जबलपुर |
36.5°C |
इसके अलावा दमोह, मंडला, सागर, उमरिया, खंडवा, खरगोन और श्योपुर जैसे जिलों में भी तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया।
क्यों बढ़ रही है इतनी गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अचानक बढ़ी गर्मी के पीछे कई कारण हैं।
मुख्य कारण
- हवा की दिशा बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है।
- हवा में नमी बेहद कम हो गई है।
- राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से गर्म हवाएं मध्यप्रदेश पहुंच रही हैं।
इन वजहों से वातावरण में सूखापन बढ़ गया है और तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है।
14 और 15 मार्च को बदलेगा मौसम
तेज गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत की खबर भी दी है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने से प्रदेश में मौसम बदल सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, 14 मार्च को कुछ जिलों में बादल और हल्की बारिश हो सकती है। 15 मार्च को इसका असर ज्यादा रहेगा। इस दौरान कई जगहों पर गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना है।
इन जिलों में बारिश की संभावना
14 मार्च
- ग्वालियर
- नीमच
- मंदसौर
- मुरैना
- श्योपुर
- भिंड
15 मार्च
- ग्वालियर
- जबलपुर
- मुरैना
- भिंड
- दतिया
- शिवपुरी
- अशोकनगर
- निवाड़ी
- टीकमगढ़
- छतरपुर
- पन्ना
- सतना
- रीवा
- मऊगंज
- सीधी
- सिंगरौली
- मैहर
- कटनी
- उमरिया
- शहडोल
- अनूपपुर
- डिंडोरी
- मंडला
- बालाघाट
- सिवनी
- नरसिंहपुर
- छिंदवाड़ा
- पांढुर्णा
- नर्मदापुरम
- बैतूल
इन जिलों में बादल, हल्की बारिश और गरज-चमक वाला मौसम देखने को मिल सकता है।
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मार्च में तीन मौसम का असर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में मार्च का महीना ऐसा होता है जिसमें तीनों मौसम का असर देखने को मिलता है।
- दिन में तेज गर्मी
- सुबह और रात में हल्की ठंड
- कई जगहों पर अचानक बारिश
पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार भी मार्च में इसी तरह का मौसम देखने को मिला है।
अप्रैल-मई में और बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस साल अप्रैल और मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे। इन महीनों में कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। सबसे ज्यादा गर्मी इन क्षेत्रों में रहने की संभावना है-
- ग्वालियर संभाग
- चंबल संभाग
- रीवा संभाग
- शहडोल संभाग
- सागर संभाग
भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रह सकते हैं।
मार्च में बढ़ती हैं बीमारियां
डॉक्टरों के अनुसार मार्च का मौसम स्वास्थ्य के लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण होता है। इस महीने में दिन में गर्मी, सुबह और रात में ठंड देखने को मिल रही है। इस वजह से कई लोग मौसम के अनुसार कपड़े नहीं पहनते, जिससे सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मामले बढ़ जाते हैं। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
गर्मी में कैसे रखें खुद को सुरक्षित?
विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
जरूरी सावधानियां
- दिनभर पर्याप्त पानी पिएं
- शरीर को हाइड्रेट रखें
- दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप से बचें
- हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें
- बाहर निकलते समय टोपी या गमछा रखें
- सनस्क्रीन क्रीम का इस्तेमाल करें
- आंखों को बचाने के लिए गॉगल्स पहनें
बाहर निकलते समय साथ रखें
- पानी की बोतल
- ORS
- टोपी या छाता
- सनस्क्रीन
- हल्का स्नैक्स
- फर्स्ट एड किट
फरवरी में भी बदला था मौसम
इस साल फरवरी में भी मौसम का मिजाज कई बार बदला था।
- चार बार ओले और बारिश हुई
- तेज आंधी चली
- कई जगह फसलों को नुकसान हुआ
इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था।











