सिवनी फायरिंग कांड का खुलासा :3 करोड़ की संपत्ति के विवाद में रची गई थी साजिश, तीन आरोपी गिरफ्तार

सिवनी के बुधवारी क्षेत्र में 12 जून की रात हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह हमला करीब 3 करोड़ रुपये की विवादित संपत्ति को लेकर रची गई साजिश का हिस्सा था। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।
घर पर हुई थी फायरिंग
12 जून 2026 की देर रात सुनारी मोहल्ला निवासी शैलेन्द्र चौरसिया के घर पर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग की थी। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से एक खाली कारतूस बरामद हुआ था। वहीं घर के शटर पर गोली लगने के निशान भी मिले थे।
बाल-बाल बची फरियादी की जान
पुलिस जांच में पता चला कि गोली शटर को पार करते हुए घर के अंदर तक पहुंच गई थी। जिस स्थान पर गोली लगी, वहीं शैलेन्द्र चौरसिया रोजाना सोते थे। हालांकि घटना वाली रात वे किसी कारण से उस जगह पर नहीं सोए थे, जिससे उनकी जान बच गई।
संपत्ति विवाद बना हमले की वजह
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि छिंदवाड़ा चौक स्थित करीब 3 करोड़ रुपये की एक संपत्ति को लेकर लंबे समय से न्यायालय में विवाद चल रहा है। फरियादी ने इस संपत्ति को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने के लिए एग्रीमेंट किया था। इसी बीच आरोपी अमन चौहान और गौरव दीक्षित भी इस सौदे से लाभ लेना चाहते थे, लेकिन उनकी योजना सफल नहीं हो पा रही थी।
किसी और पर शक डालने की थी साजिश
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को पता था कि संपत्ति विवाद को लेकर फरियादी को पहले से धमकियां मिल रही थीं। इसी का फायदा उठाते हुए उन्होंने फायरिंग की साजिश रची। उनका मकसद था कि हमले का शक संपत्ति पर कब्जा रखने वाले दूसरे पक्ष पर जाए और वे खुद विवादित जमीन के मामले में फायदा उठा सकें।
भोपाल से बुलाए गए थे शूटर
पुलिस जांच में सामने आया कि गौरव दीक्षित और अमन चौहान ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए भोपाल से दो शूटर बुलाए थे। निखिल वाथम ने देशी पिस्टल से फायरिंग की, जबकि गोलू अहिरवार बाइक चलाकर उसे घटनास्थल तक लेकर गया था। वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक की व्यवस्था अमन चौहान ने की थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
50 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले
घटना के बाद पुलिस ने करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। तकनीकी साक्ष्यों और फुटेज के आधार पर सबसे पहले अमन चौहान की पहचान हुई। उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपियों तक पुलिस पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
एक आरोपी अब भी फरार
पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य साजिशकर्ता गौरव दीक्षित घटना की जानकारी मिलते ही फरार हो गया था। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं-
- निखिल वाथम (25), निवासी निशांतपुरा, भोपाल
- गोलू अहिरवार (25), निवासी गैस राहत कॉलोनी, निशांतपुरा, भोपाल
- अमन चौहान (28), निवासी भैरोगंज, सिवनी
वहीं गौरव दीक्षित (30), निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सिवनी अभी फरार है।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्न सामान जब्त किया है-
- टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल (MP-22-ZE-2195)
- एक देशी पिस्टल
- एक जिंदा कारतूस
- एक कीपैड मोबाइल फोन

पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि मामले का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है और मामले की आगे भी जांच की जा रही है।











