मानसून जाने से पहले बरसेगा पानी! 18 जिलों में अलर्ट, ऑरेंज अलर्ट से लेकर स्कूल बंद तक, जानें अपडेट

भोपाल। मध्य प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। खराब मौसम को देखते हुए सतना और मैहर में स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से जलभराव वाले स्थानों, नदी-नालों और पुलों के आसपास सावधानी बरतने की अपील की है।
18 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे बारिश के लिहाज से अहम रहेंगे। दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, भिंड, दतिया, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर, मंडला और डिंडोरी में तेज बारिश हो सकती है। वहीं निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है।
सतना और मैहर में स्कूल बंद
बारिश की स्थिति को देखते हुए सतना में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। मैहर में नर्सरी से 12वीं तक के स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया है, ताकि बच्चों और अभिभावकों को खराब मौसम के दौरान परेशानी न हो।
पूर्वी MP में ज्यादा बरसेगा पानी
मौसम का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दिखाई दे सकता है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई इलाकों में बारिश जारी रहने का अनुमान है। मौसम में बने सिस्टम से नमी मिल रही है, जिसके कारण अगले दो दिनों तक बारिश का दौर बना रह सकता है।
नदी-नालों से दूर रहने की सलाह
भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में लोगों को बेवजह घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। खासतौर पर पुल-पुलियों, नदी और तेज बहाव वाले रास्तों पर जाने से बचना जरूरी बताया गया है।
मानसून की विदाई में कुछ दिन बाकी
मध्य प्रदेश में मानसून का सामान्य समय 30 सितंबर तक माना जाता है। यानी अब विदाई में कुछ ही दिन बचे हैं। राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून लौट चुका है और जल्द ही मध्य प्रदेश में भी इसकी वापसी शुरू होने की संभावना है। इससे पहले बारिश का यह दौर प्रदेश के कई जिलों को भिगो सकता है।
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प्रदेश में अब भी 6 फीसदी बारिश कम
मध्य प्रदेश में अब तक करीब 880.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 937.9 मिलीमीटर है। यानी पूरे प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 6 फीसदी कम है। हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में हाल की बारिश से स्थिति सुधरी है। दूसरी ओर पश्चिमी हिस्से के कुछ जिलों में बारिश की कमी अभी बनी हुई है।




















