भोपाल की सड़कों पर दौड़ रहा ‘सुरक्षा सारथी’, विजय अय्यर बिना हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों को करते हैं सचेत

भोपाल के युवा इंजीनियर विजय अय्यर ने सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए पीले रंग की ‘सुरक्षा सारथी’ गाड़ी तैयार की है। इसमें 360 डिग्री कैमरा और लाउडस्पीकर लगाए गए हैं, जो बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों को मौके पर ही समझाइश देते हैं। प्रोजेक्ट को ट्रैफिक पुलिस के ‘भोपाल आई’ से जोड़ने की तैयारी है।
भोपाल की सड़कों पर दौड़ रहा ‘सुरक्षा सारथी’, विजय अय्यर बिना हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों को करते हैं सचेत
भोपाल। विजय अय्यर सड़क सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक करते हैं।

प्रवीण श्रीवास्तव, भोपाल। शहर की किसी सड़क पर जब पीले रंग की एक अनोखी गाड़ी चौराहे पर दिखाई दे , तो उसके आसपास से गुजरने वाले चौंक जाते हैं। यह गाड़ी सड़क सुरक्षा का चलता-फिरता संदेश है। शहर के युवा इंजीनियर विजय अय्यर ने इसे तैयार कर ‘सुरक्षा सारथी’ नाम दिया है। गाड़ी पर लगा 360 डिग्री कैमरा चौराहे पर नजर रखता है। विजय के मोबाइल में कहीं कोई वाहन चालक बिना हेलमेट या कार में बिना सीट बेल्ट के चालक नजर आता है, गाड़ी पर लगे लाउडस्पीकर से आवाज गूंजती है-हेलमेट लगाइए, सीट बेल्ट बांधिए और सुरक्षित चलिए। विजय की कोशिश है कि चौराहे पर कुछ पल रुकने वाला हर व्यक्ति अपने सफर की शुरुआत एक सुरक्षा नियम के साथ करे। मालूम हो कि इससे पहले भी विजय शिक्षा और कोरोना के दौरान साफ सफाई को लेकर जागरूकता अभियान चला चुके हैं। अब इस प्रोजेक्ट को ट्रैफिक पुलिस के ‘भोपाल आई’ से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इससे चौराहे के आसपास नियमों पर नजर रखने और लोगों को जागरूक करने में मदद मिलेगी।

‘सुरक्षा सारथी’ के जरिए कार्रवाई नहीं, समझाइश पर जोर

विजय अय्यर बताते हैं कि उन्होंने ‘सुरक्षा सारथी’ को इसलिए तैयार किया, यदि वाहन चालक को मौके पर ही समझाया जाए कि हेलमेट और सीट बेल्ट उसकी अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी हैं, तो वह नियम को मजबूरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में अपनाएगा। विजय कहते हैं कि यदि उनकी इस पहल से एक व्यक्ति भी हेलमेट पहनने या सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित होता है और किसी हादसे में उसकी जान बचती है, तो उनका प्रयास सफल है।

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पहले भी बना चुके हैं शिक्षा का रिक्शा

इससे पहले उनके शिक्षा रथ को इंग्लैड में भी सराहना मिल चुकी है। बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता के लिए शिक्षा का रिक्शा भी बना चुके हैं। इसमें उन्होंने ऑटो रिक्शा को स्कूल का रूप देकर ग्रामीण बच्चों काे एलईडी प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई कराते हैं। यही नहीं कोरोना काल में साफ सफाई के प्रति जागरूकता और पीढ़ितों की मदद के लिए डेटॉल इंडिया ने उन्हें अपने प्रोडक्ट का ब्रांड एंबेसडर भी बना कर अपने प्रोडक्ट पर उनका फोटो भी लगाया था।

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