भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है और तेज लू के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लेकिन इसी बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और ट्रफ लाइन के असर से प्रदेश के कई जिलों में आंधी, बादल और बारिश का दौर शुरू होने वाला है।
मौसम विभाग के अनुसार, 18 मार्च तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। उत्तर और दक्षिणी जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। इससे भीषण गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
इस समय मध्य प्रदेश में मौसम के दो अलग-अलग रूप दिखाई दे रहे हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम जैसे शहरों में तेज धूप और गर्म हवाएं चल रही हैं। वहीं ग्वालियर, चंबल और महाकौशल के कुछ जिलों में बादल और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन के कारण प्रदेश में नमी का प्रवाह बढ़ रहा है। यही वजह है कि कई जिलों में बादल छाने, आंधी चलने और बारिश होने की संभावना बन रही है।
मौसम विभाग के अनुसार 16 से 18 मार्च तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रहेगा। इस दौरान बादल छाए रहने से तापमान में कुछ गिरावट भी दर्ज की जा सकती है। इस साल मार्च में पहली बार मावठा जैसी बारिश देखने को मिल सकती है।
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रविवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें शामिल हैं-
इन जिलों में तेज हवा और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
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तारीख |
संभावित प्रभावित जिले |
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16 मार्च |
बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर |
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17 मार्च |
सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर |
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18 मार्च |
ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा |
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 17 मार्च को हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके बाद प्रदेश में मौसम और ज्यादा बदल सकता है।
मार्च के दूसरे सप्ताह में ही मध्य प्रदेश में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। कई जिलों में तापमान सामान्य से 4 से 7 डिग्री तक ज्यादा दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा गर्मी नर्मदापुरम में दर्ज की गई है।
नर्मदापुरम: 40.4°C (सामान्य से 6.9 डिग्री अधिक)
खरगोन: 39.2°C
मंडला: 38.9°C
रतलाम और दमोह: 38.2°C
खजुराहो: 38°C
इसके अलावा कई जिलों में तापमान 37 डिग्री से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है।
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शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
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भोपाल |
37.2°C |
18.6°C |
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इंदौर |
36.6°C |
19.4°C |
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ग्वालियर |
34.1°C |
20.0°C |
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उज्जैन |
36.5°C |
16.0°C |
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जबलपुर |
37.7°C |
20.6°C |
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नर्मदापुरम |
40.4°C |
20.6°C |
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बैतूल |
37.2°C |
18.5°C |
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गुना |
37.5°C |
19.4°C |
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में गर्मी बढ़ने के पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं-
हवा की दिशा में बदलाव - हवा उत्तर-पूर्व से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बह रही है।
नमी की कमी - वातावरण में नमी काफी कम है।
रेगिस्तानी हवाएं - राजस्थान और रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं तापमान बढ़ा रही हैं।
इसी वजह से कई जिलों में लू जैसी स्थिति बन गई है।
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मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में होने वाली बारिश और बादलों के कारण तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी। गर्म हवाओं की तीव्रता कम होगी, अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट संभव है। शाम और रात के मौसम में ठंडक बढ़ सकती है, हालांकि यह राहत अस्थायी हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मध्य प्रदेश में मार्च का महीना ऐसा होता है जब तीनों मौसम का असर देखने को मिलता है।
पिछले 10 साल के आंकड़ों में भी मार्च में ऐसा मौसम देखने को मिला है।
डॉक्टरों के अनुसार, मार्च का बदलता मौसम स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। दिन में गर्मी और रात में ठंड होने के कारण लोग अक्सर बीमार पड़ जाते हैं। इस मौसम में बढ़ने वाली प्रमुख बीमारियां-
डॉक्टरों की सलाह है कि, सुबह और देर रात ठंडी हवा से बचें। बहुत ठंडे पेय पदार्थों का ज्यादा सेवन न करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
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मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि, इस साल अप्रैल और मई में प्रदेश में और ज्यादा गर्मी पड़ सकती है। इन संभागों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है-
इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी रहने का अनुमान है।
इस साल फरवरी में भी मौसम ने कई बार करवट बदली थी। फरवरी में कुल चार बार ओले और बारिश का दौर देखा गया।
इन घटनाओं से कई जिलों में फसलों को नुकसान भी हुआ था और सरकार ने सर्वे भी कराया था।
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मौसम विभाग ने लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है-