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Horticulture Department Corruption: MP तबादला नीति पर सियासत गरम, सपा ने उद्यानिकी विभाग में भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप

मध्य प्रदेश की तबादला नीति को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। समाजवादी पार्टी ने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में तबादलों के नाम पर बड़े स्तर पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि नियमों को नजरअंदाज कर पसंदीदा अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर बनाए रखा गया, जबकि कई मामलों में जांच और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
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 MP तबादला नीति पर सियासत गरम, सपा ने उद्यानिकी विभाग में भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप
फाइल फोटो

भोपाल। मध्य प्रदेश में तबादला नीति 2026 को लेकर नया विवाद सामने आया है। समाजवादी पार्टी ने राज्य सरकार के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि विभाग में तबादलों की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और कई फैसले नियमों के बजाय प्रभाव और पहुंच के आधार पर लिए गए। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारतीय ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि विभाग में लंबे समय से अनियमितताएं चल रही हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि तबादला नीति का उद्देश्य व्यवस्था को बेहतर बनाना था लेकिन अब यह केवल चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने का माध्यम बन गई है।

समय पर सूची नहीं आने पर उठे सवाल

समाजवादी पार्टी का कहना है कि राज्य के अधिकांश विभागों ने तय समय के भीतर तबादला सूची जारी कर दी थी लेकिन उद्यानिकी विभाग में प्रक्रिया में देरी की गई। पार्टी का आरोप है कि यह देरी जानबूझकर की गई ताकि कुछ खास पदों पर अधिकारियों को बनाए रखा जा सके। सपा के अनुसार, विभाग में तबादलों को लेकर पारदर्शिता दिखाई नहीं दी, जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

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जांच के बावजूद पदों पर बने अधिकारी

यश भारतीय ने कहा कि कुछ अधिकारियों के खिलाफ पहले से शिकायतें और जांच चल रही हैं, फिर भी उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से नहीं हटाया गया। उन्होंने दावा किया कि धार जिले में पदस्थ एक अधिकारी के खिलाफ लोकायुक्त स्तर पर जांच चल रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पद पर बनाए रखा गया। पार्टी का कहना है कि यदि किसी अधिकारी पर गंभीर आरोप हैं तो जांच पूरी होने तक उसे जिम्मेदार पद से हटाया जाना चाहिए।

व्हाट्सएप चैट से बढ़ा विवाद

सपा ने एक कथित व्हाट्सएप चैट का भी जिक्र किया है, जो इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। पार्टी का दावा है कि इस चैट में तबादले को लेकर पैसों के लेन देन की बात सामने आई है। यश भारतीय ने कहा कि यदि इस चैट की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे सिस्टम में मौजूद गड़बड़ियों की ओर संकेत करता है।

ओएसडी नियुक्ति पर भी उठे सवाल

समाजवादी पार्टी ने मंत्रालय में एक अधिकारी की नियुक्ति को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि संबंधित अधिकारी की सेवाएं पहले उनके मूल संस्थान को वापस भेजी जा चुकी थीं लेकिन बाद में आदेश में बदलाव कर उन्हें फिर से मंत्रालय में जिम्मेदारी दे दी गई। सपा का आरोप है कि यह फैसला नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं था। पार्टी ने इस मामले की भी जांच कराने की मांग की है।

मंत्री ने कहा- मामले की होगी जांच

उधर, इस पूरे मामले पर प्रभारी मंत्री चेतन कश्यप की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि जिस तबादला सूची को लेकर विवाद हो रहा है, उसकी जानकारी उन्हें बाद में मिली है। मंत्री ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद उचित जवाब दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि यदि कहीं कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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आरोपों से गरमाई प्रदेश की राजनीति

तबादला नीति को लेकर सामने आए इन आरोपों ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से जांच की बात कही जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और आरोपों पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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