CM Mohan Yadav:MP Tech Growth Conclave 3.0 का आज होगा शुभारंभ, CM डॉ. मोहन यादव करेंगे उद्घाटन

भोपाल। MP टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे और प्रदेश में टेक्नोलॉजी सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए सरकार की योजनाओं को उद्योग जगत के सामने रखेंगे। इस दौरान बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ अलग अलग बैठकें भी होंगी, जिनमें नए निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास पर चर्चा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य मध्य प्रदेश को डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में देश के प्रमुख निवेश राज्यों की सूची में शामिल करना है।
भोपाल में जुटेंगे देश-विदेश के टेक उद्योगों के प्रतिनिधि
MP Tech Growth Conclave 3.0 में भारत के साथ साथ विदेशों की कई बड़ी टेक कंपनियों, निवेशकों, स्टार्टअप, उद्योग संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम का मकसद प्रदेश में आधुनिक तकनीक से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देना और निवेशकों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में नए उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री उद्योगपतियों से करेंगे सीधी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन बैठक करेंगे। इन बैठकों में नए निवेश प्रस्ताव, चल रही परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य में होने वाले सहयोग पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव परिसर में लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे, जहां मध्य प्रदेश की औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
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तीन प्रमुख सेक्टरों पर रहेगा पूरा फोकस
इस बार कॉन्क्लेव का मुख्य केंद्र ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर उद्योग रहेगा। इन क्षेत्रों के विशेषज्ञ बताएंगे कि मध्य प्रदेश में निवेश की क्या संभावनाएं हैं और उद्योगों को बेहतर माहौल देने के लिए किन सुविधाओं की जरूरत है। सरकार इन सेक्टरों में बड़े निवेश आकर्षित करने की दिशा में काम कर रही है ताकि प्रदेश तकनीकी विकास में नई पहचान बना सके।
विशेषज्ञ बताएंगे विकास की नई संभावनाएं
कार्यक्रम में तकनीकी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। इसके साथ ही अलग अलग सत्रों में उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। IIM इंदौर, IISER सहित कई संस्थान नवाचार, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव देंगे। सरकार का प्रयास है कि उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन आसानी से उपलब्ध हो सके।
राउंड टेबल बैठक में बनेगी आगे की रणनीति
कॉन्क्लेव में अलग अलग विषयों पर राउंड टेबल चर्चा भी होगी। इनमें प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास, जीसीसी के विस्तार, डेटा सेंटर के लिए जरूरी सुविधाओं और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने पर विचार किया जाएगा। उद्योग विशेषज्ञ, नीति निर्माता और शिक्षाविद मिलकर भविष्य की जरूरतों और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
पहले दो कॉन्क्लेव से मिले अच्छे परिणाम
सरकार के अनुसार एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के पहले दो संस्करणों में निवेश के अच्छे प्रस्ताव मिले थे। पहले कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए थे, जिससे करीब 75 हजार रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। दूसरे संस्करण में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनसे लगभग 48 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई थी। सरकार को उम्मीद है कि तीसरा संस्करण भी प्रदेश में टेक्नोलॉजी आधारित निवेश और रोजगार को नई गति देगा।











