पहली बारिश में बहा दो करोड़ का स्टॉप डैम: सज्जन वर्मा ने सिलावट पर साधा निशाना

इंदौर/सांवेर। सांवेर विधानसभा के ग्राम मकोड़िया में शिप्रा नदी पर जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित करीब दो करोड़ रुपये लागत का स्टॉप डैम पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया। डैम का निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और गुणवत्ता में लापरवाही के आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार तथा जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट पर तीखा हमला बोला।
निरीक्षण के दौरान सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि पहली ही बारिश में डैम का बह जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण यह स्थिति बनी। वर्मा ने कहा कि यदि निर्माण सही तरीके से हुआ होता तो डैम इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त नहीं होता। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सिलावट से इस्तीफे की मांग
सज्जन वर्मा ने जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना था कि विभाग के निर्माण कार्यों की जवाबदेही मंत्री की भी बनती है और इस तरह की घटनाएं जनता के धन की बर्बादी हैं।
विपिन वानखेड़े ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने आरोप लगाया कि सांवेर क्षेत्र में वर्षों से निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में बने कई स्टॉप डैम गुणवत्ता की कमी के कारण सवालों के घेरे में हैं। वानखेड़े ने कहा कि मकोड़िया का यह मामला सरकार के विकास कार्यों की वास्तविकता उजागर करता है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यदि निर्माण कार्यों की तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जाए तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे मामलों पर जवाब चाहती है। निरीक्षण के दौरान जिला कांग्रेस के कोषाध्यक्ष हनी यादव, किसान नेता हंसराज मंडलोई, दिनेश पटेल सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।












