भीलवाड़ा :राजस्थान में MP पुलिस का हेड कॉन्स्टेबल 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, होटल में ACB ने रंगे हाथ दबोचा

राजस्थान के भीलवाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मध्यप्रदेश पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई के रूप में हुई है। उस पर धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी के साथ मारपीट नहीं करने और जांच में सहयोग देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
11 करोड़ की जमीन डील से जुड़ा है मामला
ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के मुताबिक, रतलाम के व्यापारी रतन जांगिड़ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि भीलवाड़ा के जूनावास निवासी मोहम्मद लियाकत ने बंद पड़ी ऑयल मिल और जमीन का 11 करोड़ 10 लाख रुपए में सौदा किया था। इस दौरान उसने 25.76 लाख रुपए ले लिए, लेकिन न तो जमीन का अनुबंध कराया और न ही असली मालिक से मुलाकात कराई। शिकायत के आधार पर रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया और जांच के लिए आरोपी लियाकत को भीलवाड़ा लाया गया था।
पहले 10 हजार लिए, फिर 50 हजार लेने होटल पहुंचा
जांच के दौरान हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई ने आरोपी के भाई से कथित तौर पर 1 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। आरोप है कि उसने कहा था कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो आरोपी के साथ मारपीट की जाएगी, हथकड़ी पहनाकर शहर में घुमाया जाएगा और उसकी बदनामी की जाएगी।
आरोपी पहले ही 10 हजार रुपए ले चुका था। इसके बाद बाकी रकम में से 50 हजार रुपए लेने के लिए भीलवाड़ा के सर्किट हाउस के पास एक होटल में मिलने का समय तय किया गया।
होटल में बिछाया जाल, वर्दी की जेब से मिले रुपए
शिकायत के सत्यापन के बाद भीलवाड़ा ACB-द्वितीय ने डिप्टी एसपी नरपत सिंह चारण के नेतृत्व में ट्रैप की योजना बनाई। जिस होटल में हेड कॉन्स्टेबल अपनी टीम के साथ ठहरा हुआ था, वहीं ACB ने भी गोपनीय निगरानी शुरू कर दी। जैसे ही तपेश गोसाई ने होटल के कमरे में परिवादी से 50 हजार रुपए लिए, ACB टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। तलाशी लेने पर रिश्वत की पूरी रकम उसकी पुलिस वर्दी की पैंट की जेब से बरामद हुई।
पूछताछ जारी, आगे की जांच में जुटी ACB
ACB ने आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में रिश्वतखोरी और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।











