MP पुलिस बैंड आरक्षक भर्ती : बिना दौड़ और लंबी कूद के होगी चयन प्रक्रिया, 679 पदों के लिए 40 हजार से ज्यादा आवेदन

मध्य प्रदेश पुलिस में बैंड आरक्षक (कांस्टेबल) के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि अभ्यर्थियों को सामान्य पुलिस भर्ती की तरह शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) नहीं देनी होगी। यानी उम्मीदवारों को 800 मीटर दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक जैसी परीक्षाओं से छूट मिलेगी। हालांकि ऊंचाई और सीने से जुड़े शारीरिक मापदंड सामान्य आरक्षक भर्ती की तरह ही लागू रहेंगे।
932 पद मंजूर, इंस्पेक्टर सहित ये पद रहेंगे शामिल
राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस बैंड की स्थापना और सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 932 पद मंजूर किए हैं। इनमें इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के पद शामिल हैं। सबसे अधिक 642 पद आरक्षक वर्ग के हैं। रिक्त पदों को मिलाकर कुल 679 आरक्षक पदों पर भर्ती की जा रही है।
40 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने किया आवेदन
इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 5 अप्रैल से 19 अप्रैल तक चली थी। भर्ती के प्रति युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला और 679 पदों के लिए 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। आवेदन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद 24 जून से भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में स्किल टेस्ट और बैंड वादन परीक्षा शुरू कर दी गई है।
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तीन चरणों में पूरी होगी चयन प्रक्रिया
भर्ती प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। सबसे पहले स्किल टेस्ट आयोजित होगा, इसके बाद बैंड वादन परीक्षा और अंत में साक्षात्कार (इंटरव्यू) लिया जाएगा। उम्मीदवारों के लिए यह अनिवार्य है कि उन्हें पुलिस बैंड में इस्तेमाल होने वाले 18 वाद्ययंत्रों में से कम से कम एक वाद्ययंत्र बजाना आना चाहिए। चयन प्रक्रिया में बैंड वादन कौशल को सबसे अधिक महत्व दिया गया है।
अंक विभाजन इस प्रकार रहेगा:
बैंड वादन परीक्षा : 60 अंक
अतिरिक्त योग्यता : 15 अंक
इंटरव्यू : 25 अंक
चयन के बाद मिलेगी छह माह की फिजिकल ट्रेनिंग
विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के एडीजी चंचल शेखर ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2019 के जीओपी (जनरल ऑर्डर पुलिस) के अनुसार संचालित की जा रही है। इस भर्ती में प्राथमिकता उन अभ्यर्थियों को दी जाएगी जो वाद्ययंत्रों का बेहतर संचालन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शारीरिक मापदंडों में सफल उम्मीदवारों का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को सामान्य आरक्षकों की तर्ज पर छह महीने की फिजिकल ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे बैंड कर्मियों में संगीत कौशल के साथ-साथ पुलिस बल के अनुरूप शारीरिक दक्षता भी विकसित हो सकेगी।
युवाओं में बढ़ा आकर्षण
बिना दौड़ और अन्य शारीरिक दक्षता परीक्षाओं के भर्ती होने के कारण यह भर्ती युवाओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। संगीत में रुचि रखने वाले और वाद्ययंत्र बजाने में दक्ष अभ्यर्थियों के लिए यह पुलिस विभाग में नौकरी पाने का एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।











