मध्यप्रदेश के पैरा खिलाड़ियों की यह उपलब्धि दिखाती है कि मेहनत और सही मार्गदर्शन से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। अब नजर आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर है, जहां राज्य के खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन करने की तैयारी में जुटे हैं।
इस बार मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन में बड़ा सुधार दिखाया है। पिछले साल चेन्नई में हुई 23वीं राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में राज्य को केवल 4 पदक ही मिले थे, जबकि इस बार 7 पदक जीतकर खिलाड़ियों ने नई पहचान बनाई है। यह सफलता खिलाड़ियों की मेहनत और लगातार की जा रही तैयारी का नतीजा है।
इस उपलब्धि के पीछे मध्यप्रदेश पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की अहम भूमिका रही है। कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विवेक परिहार के प्रयास और सीईओ डॉ. वी.के. डाबस के मार्गदर्शन ने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों का कहना है कि खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ की टीमवर्क ने इस सफलता को संभव बनाया है।
ये भी पढ़ें: होर्मुज पर बढ़ा तनाव: ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का पलटवार
इस मौके पर मध्यप्रदेश पैरालंपिक समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि- यह सिर्फ शुरुआत है। अब लक्ष्य 2028 में लॉस एंजेलिस में होने वाले पैरालंपिक खेल हैं। इसके लिए अभी से योजनाबद्ध तरीके से तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि आने वाले समय में खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।