धान घोटाले को लेकर सरकार ने कहा 6 जिलों में दर्ज हुई एफआईआर, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को रिजॉइंडर देने कहा

जबलपुर। मप्र सरकार ने हाईकोर्ट में जवाब देकर कहा है कि धान घोटाले को लेकर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। इस बारे में प्रदेश के 6 जिलों में पुलिस और ईओडब्ल्यू द्वारा एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस आनंद पाठक की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ताओं को मामले पर रिजॉइंडर पेश करने कहा है। मामले पर अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी।
याचिका में पूरे प्रदेश में जांच की मांग
यह जनहित याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपाण्डे व धनीराम लखेरा की ओर से दायर की गई है। आवेदक का कहना है कि धान परिवहन और आपूर्ति के लिए ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाने के स्पष्ट दिशा-निर्देश पहले से मौजूद थे, लेकिन बड़े पैमाने पर इन नियमों को दरकिनार कर घोटाला किया गया। जबलपुर कलेक्टर की कार्रवाई में 43.03 करोड़ रुपए का धान परिवहन घोटाला उजागर हुआ, जिसके बाद कई एफआईआर दर्ज हुईं और कई आरोपी जेल भी पहुंच चुके हैं।
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राज्य के अन्य जिलों में भी गड़बड़ियां
14 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
मामले पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता निलेश यादव और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से अधिवक्ता विवेक रंजन पाण्डेय उपस्थित हुए।
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