OBC Reservation : OBC Reservtion : आरक्षण बढ़ाने से पहले सरकार ने नहीं बताया परिस्थितियों में क्या बदलाव आया

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) से जुड़े 100 से अधिक मामलों पर शुक्रवार को तीसरे दिन भी सुनवाई जारी रही। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच के सामने वर्ष 1983 के महाजन आयोग की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा गया कि इसमें ओबीसी को 35 फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश तो की गई थी, लेकिन आरक्षण 50 प्रतिशत से ज्यादा होने के कारण इसे लागू नहीं किया गया। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में आरक्षण बढ़ाने से पहले यह नहीं बताया कि अब तक परिस्थितियों में क्या बदलाव आया है। इन मामलों पर सोमवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।
वकीलों की आपत्ति पर शुरू हुई लाइव स्ट्रीमिंग
शुक्रवार को सुनवाई शुरू होते ही ओबीसी वर्ग का पक्ष रख रहे अधिवक्ताओं ने पिछले दो दिनों से यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग बंद रखे जाने पर आपत्ति दर्ज कराई। वकीलों के विरोध के बाद हाईकोर्ट ने आज की अदालती कार्यवाही का लाइव प्रसारण पुन: चालू करवाया।
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तो सरकार ने क्यों नहीं की अपील?
सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने सवाल किया कि ओबीसी को 27% आरक्षण देने के प्रस्ताव को जब हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 13 अक्टूबर 2014 को खारिज कर दिया था, तो सरकार ने उसके खिलाफ अपील क्यों नहीं की? जवाब में ओबीसी वर्ग के वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कोर्ट को अवगत कराया कि एकल पीठ के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी पहले से लंबित है।












