सीहोर:नवजात की मौत के बाद हरकत में स्वास्थ्य विभाग, बिलकिसगंज अस्पताल पहुंचे CMHO, चार डॉक्टरों का वेतन काटने के निर्देश

सीहोर। बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात शिशु की मौत के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई तथा चार डॉक्टरों का वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के आदेश भी जारी किए।
मीडिया में मामला आने के बाद हुई कार्रवाई
गुरुवार को बिलकिसगंज अस्पताल में एक दिव्यांग महिला के नवजात शिशु की जन्म के लगभग डेढ़ घंटे बाद मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि उस समय अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका। मामला मीडिया में प्रमुखता से सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और अगले ही दिन सीएमएचओ ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
चार डॉक्टरों का वेतन काटने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने अस्पताल में ड्यूटी व्यवस्था, मरीजों की देखभाल और चिकित्सकीय सेवाओं की समीक्षा की। लापरवाही सामने आने पर उन्होंने संबंधित चार डॉक्टरों का वेतन काटने के निर्देश जारी किए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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अस्पताल प्रबंधन को लगाई कड़ी फटकार
विधायक प्रतिनिधि एवं रोगी कल्याण समिति के सदस्य करण सिंह मेवाड़ा ने बताया कि सीएमएचओ ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने नर्सिंग सुपरवाइजर और अस्पताल सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से उनके प्रभार से हटाकर ओपीडी में ड्यूटी करने के निर्देश दिए। सीएमएचओ ने कहा कि अस्पताल में इन पदों का कोई स्वीकृत प्रावधान नहीं है, इसलिए कर्मचारियों को वास्तविक जिम्मेदारियों के अनुसार कार्य करना होगा।
समय पर ड्यूटी और बेहतर इलाज के निर्देश
सीएमएचओ ने अस्पताल प्रभारी डॉ. विभाष सतोरनिया को निर्देश दिए कि सभी डॉक्टर और कर्मचारी समय पर अस्पताल पहुंचें तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज की समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए और किसी भी परिस्थिति में चिकित्सकीय सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए।
शासकीय क्वार्टरों की भी हुई जांच
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में बने शासकीय आवासों का भी निरीक्षण किया गया। सीएमएचओ ने पाया कि कई क्वार्टरों में बिजली के मीटर नहीं लगे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मीटर लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिन कर्मचारियों का स्थानांतरण हो चुका है लेकिन वे अभी भी सरकारी आवासों पर कब्जा किए हुए हैं, उन्हें जल्द से जल्द क्वार्टर खाली करने के आदेश दिए गए।
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स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने पर रहेगा फोकस
नवजात की मौत के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नाराजगी देखी गई थी। इस मामले में कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि जिले के अस्पतालों में लापरवाही और अव्यवस्था को लेकर अब सख्त रवैया अपनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
Edited By: Sumit Shrivastava












