सीहोर: ओबीसी महासभा ने आंदोलन का किया ऐलान, बोले- अब 27% आरक्षण लेकर रहेंगे

सीहोर। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने भाजपा सरकार पर पिछड़ा वर्ग के हितों की अनदेखी करने और आरक्षण के मुद्दे पर ठोस पहल नहीं करने का आरोप लगाया है। सीहोर के एक निजी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में महासभा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने 28 तारीख से तहसील, जिला, संभाग और प्रदेश स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद भी नहीं निकला समाधान
पत्रकार वार्ता में ओबीसी महासभा के जिला अध्यक्ष श्याम मीणा, भोपाल संभाग अध्यक्ष चांद सिंह मेवाड़ा और अपाक्स संगठन के जिलाध्यक्ष कमल कीर ने आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। पदाधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर ओबीसी महासभा के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे। वहां मुख्यमंत्री से चर्चा भी हुई लेकिन संगठन के मुताबिक इस बातचीत का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला। इससे पिछड़ा वर्ग के अधिकारों को लेकर असंतोष बढ़ा है।
27 प्रतिशत आरक्षण की मांग, सरकार पर लगाए आरोप
महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की मंशा आंदोलन को रोकने की है, जबकि पिछड़ा वर्ग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। पदाधिकारियों ने आरक्षण के मुद्दे पर आए न्यायालयीन फैसलों को भी निराशाजनक बताते हुए कहा कि इस विषय पर ओबीसी वर्ग को न्याय मिलने की उम्मीद लगातार प्रभावित हो रही है।
52 प्रतिशत आबादी, फिर भी हिस्सेदारी पर सवाल
ओबीसी महासभा के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में पिछड़ा वर्ग की आबादी करीब 52 प्रतिशत है और इसमें छह हजार से अधिक जातियां शामिल हैं। इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद आरक्षण में उचित हिस्सेदारी नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने राजनीतिक दलों से जवाब मांगा। संगठन का कहना है कि पिछड़ा वर्ग को उसके जनसंख्या अनुपात और अधिकारों के अनुरूप अवसर मिलने चाहिए। पदाधिकारियों ने अन्य राज्यों में आरक्षण की स्थिति का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग दोहराई।
भाजपा और कांग्रेस, दोनों पर उठाए सवाल
पत्रकार वार्ता में महासभा ने कहा कि भाजपा पिछले करीब 25 वर्षों से अधिकांश समय मध्य प्रदेश की सत्ता में रही है। संगठन ने यह सवाल भी उठाया कि प्रदेश में लंबे समय तक ओबीसी वर्ग से मुख्यमंत्री रहने के बावजूद आरक्षण का मुद्दा निर्णायक रूप से हल क्यों नहीं हुआ। पदाधिकारियों ने भाजपा सरकार के प्रति अविश्वास जताते हुए कहा कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा बल्कि ठोस निर्णय की जरूरत है।
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28 तारीख से चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी
ओबीसी महासभा ने ऐलान किया कि 28 तारीख से आंदोलन विभिन्न चरणों में शुरू किया जाएगा। इसकी गतिविधियां तहसील से लेकर जिला, संभाग और प्रदेश स्तर तक संचालित की जाएंगी। संगठन ने पिछड़ा वर्ग के नागरिकों से आंदोलन में शामिल होने और 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को मजबूत करने की अपील की है। महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक मांग पर ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।




















